Saturday, July 11, 2015

The Truth Of Life

बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में ।
उसी देहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।


सजे थे छप्पन भोग और मेवे मूरत के आगे । बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है ।।

लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार ,पर बहार एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।

वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हाल के लिए , घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई बदलते देखा है।

सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को, आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।

जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन , आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है ।

जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी , आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा ।

दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था जिस बेटी को जबरन बाप ने, आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है ।


मारा गया वो पंडित बेमौत सड़क दुर्घटना में यारो ,
जिसे खुदको काल सर्प,तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है ।


जिस घर की एकता की देता था जमाना कभी मिसाल दोस्तों ,
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।

इस कविता को मैने आप तक पहुंचाने मे र्सिफ उंगली का उपयोग किया है,
रचियता को सादर नमन🙏🙏🙏

The Truth of Life

बहु ने आइने मेँ लिपिस्टिक ठिक
करते हुऐ
कहा -:
"माँ जी, आप
अपना खाना बना लेना,
मुझे और इन्हें आज एक
पार्टी में जाना है ...!!
"बुढ़ी माँ ने कहा -: "बेटी मुझे
गैस वाला
चुल्हा चलाना नहीं आता ...!!
"तो बेटे ने कहा -:
"माँ, पास वाले मंदिर में आज
भंडारा है ,
तुम वहाँ चली जाओ
ना खाना बनाने की कोई
नौबत
ही नहीं आयेगी....!!!
"माँ चुपचाप अपनी चप्पल पहन
कर मंदिर
की ओर
हो चली.....
यह पुरा वाक्या 10 साल
का बेटा रोहन सुन
रहा था |
पार्टी में जाते वक्त रास्ते में
रोहन ने अपने
पापा से
कहा -:
"पापा, मैं जब बहुत
बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना
तब मैं भी अपना घर
किसी मंदिर के पास
ही बनाऊंगा ....!!!
माँ ने उत्सुकतावश पुछा -:
क्यों बेटा ?
....रोहन ने जो जवाब दिया उसे
सुनकर उस बेटे
और बहु
का सिर शर्म से नीचे झुक
गया जो
अपनी माँ को मंदिर में छोड़ आए
थे.....
रोहन ने कहा -: क्योंकि माँ,
जब मुझे भी किसी दिन
ऐसी ही किसी
पार्टी में
जाना होगा तब तुम
भी तो किसी मंदिर में
भंडारे में खाना खाने जाओगी ना
और मैं
नहीं चाहता कि तुम्हें कहीं दूर
के मंदिर में
जाना पड़े....!!!!
पत्थर तब तक सलामत है
जब तक
वो पर्वत से जुड़ा है .
पत्ता तब तक सलामत
है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है
. इंसान तब तक
सलामत है
जब तक वो परिवार से
जुड़ा है .
क्योंकि परिवार से अलग होकर
आज़ादी तो मिल जाती है
लेकिन संस्कार चले
जाते हैं ..
एक कब्र पर लिखा था...
"किस को क्या इलज़ाम दूं
दोस्तो...,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने
थे,
और दफनाने वाले
भी अपने थे..

❓||||||||| प्रश्नोत्तर |||||||||

❓||||||||| प्रश्नोत्तर |||||||||

Qus→ जीवन का उद्देश्य क्या है ?
Ans→ जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!
📒
Qus→ जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ?
Ans→ जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!
📒
Qus→संसार में दुःख क्यों है ?
Ans→लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!
📒
Qus→ ईश्वर ने दुःख की रचना क्यों की ?
Ans→ ईश्वर ने संसार की रचना की और मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!
📒
Qus→ क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?
Ans→ कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में 'ईश्वर' कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!
📒
Qus→ भाग्य क्या है ?
Ans→हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!
📒
Qus→ इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?
Ans→ रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..
इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!
📒
Qus→किस चीज को गंवाकर मनुष्य
धनी बनता है ?
Ans→ लोभ..!!
📒
Qus→ कौन सा एकमात्र उपाय है जिससे जीवन सुखी हो जाता है?
Ans → अच्छा स्वभाव ही सुखी होने का उपाय है..!!
📒
Qus → किस चीज़ के खो जाने
पर दुःख नहीं होता ?
Ans → क्रोध..!!
📒
Qus→ धर्म से बढ़कर संसार में और क्या है ?
Ans → दया..!!
📒
Qus→क्या चीज़ दुसरो को नहीं देनी चाहिए ?
Ans→ तकलीफें, धोखा..!!
📒
Qus→ क्या चीज़ है, जो दूसरों से कभी भी नहीं लेनी चाहिए ?
Ans→ इज़्ज़त, किसी की हाय..!!
📒
Qus→ ऐसी चीज़ जो जीवों से सब कुछ करवा सकती है ?
Ans→मज़बूरी..!!
📒
Qus→ दुनियां की अपराजित चीज़ ?
Ans→ सत्य..!!
📒
Qus→ दुनियां में सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ ?
Ans→ झूठ..!!
📒
Qus→ करने लायक सुकून का
कार्य ?
Ans→ परोपकार..!!
📒
Qus→ दुनियां की सबसे बुरी लत ?
Ans→ मोह..!!
📒
Qus→ दुनियां का स्वर्णिम स्वप्न ?
Ans→ जिंदगी..!!
📒
Qus→ दुनियां की अपरिवर्तनशील चीज़ ?
Ans→ मौत..!!
📒
Qus→ ऐसी चीज़ जो स्वयं के भी समझ ना आये ?
Ans→ अपनी मूर्खता..!!
📒
Qus→ दुनियां में कभी भी नष्ट/ नश्वर न होने वाली चीज़ ?
Ans→ आत्मा और ज्ञान..!!
📒
Qus→ कभी न थमने वाली चीज़ ?
Ans→ समय

Friday, July 10, 2015

The Truth of Life

🍀 दुनिया के सबसे बड़े 7 डाक्टर 🍀
🔹1- सुरज की किरणें 🌞
🔹2- रोजाना रात 6/8 घंटे निंद 😴
🔹3- शुध्द शाकाहारी भोजन 🍑
🔹4- हररोज व्यायाम. 🏃
🔹5- खुदपर विश्वास 😇
🔹6- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन 💧
🔹7- अच्छे दोस्त 👬👬

👍 इन 7 बातोंको हमेशा अपने पास रखीये सभी दर्द दुर हो जायेंगे........: एक मिनट का समय निकालके अवश्य पढ़े...
🙏

एक आदमी जंगल से गुजर रहा था । उसे चार स्त्रियां मिली।
n
🚺उसने पहली से पूछा - बहन तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰उसने कहा "बुद्धि "
✴तुम कहां रहती हो?
🔰मनुष्य के दिमाग में।

🚺दूसरी स्त्री से पूछा - बहन तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰" लज्जा "।
✴तुम कहां रहती हो ?
🔰आंख में ।

🚺तीसरी से पूछा - तुम्हारा क्या नाम हैं ?
🔰"हिम्मत"
✴कहां रहती हो ?
🔰दिल में ।

🚺चौथी से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰"तंदुरूस्ती"
✴कहां रहती हो ?
🔰पेट में।

वह आदमी अब थोडा आगे बढा तों फिर उसे चार पुरूष मिले।

🚹उसने पहले पुरूष से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰" क्रोध "
✴कहां रहतें हो ?
🔰दिमाग में,
✴दिमाग में तो बुद्धि रहती हैं,
तुम कैसे रहते हो?
🔰जब मैं वहां रहता हुं तो बुद्धि वहां से विदा हो जाती हैं।

🚹दूसरे पुरूष से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰उसने कहां -" लोभ"।
✴कहां रहते हो?
🔰आंख में।
✴आंख में तो लज्जा रहती हैं तुम कैसे रहते हो।
🔰जब मैं आता हूं तो लज्जा वहां से प्रस्थान कर जाती हैं ।

🚹तीसरें से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
🔰जबाब मिला "भय"।
✴कहां रहते हो?
🔰दिल में।
✴दिल में तो हिम्मत रहती हैं तुम कैसे रहते हो?
🔰जब मैं आता हूं तो हिम्मत वहां से नौ दो ग्यारह हो जाती हैं।

🚹चौथे से पूछा तुम्हारा नाम क्या हैं?
🔰उसने कहा - "रोग"।
✴कहां रहतें हो?
🔰पेट में।
✴पेट में तो तंदरूस्ती रहती हैं?
🔰जब मैं आता हूं तो तंदरूस्ती वहां से रवाना हो जाती हैं।

🍁
जीवन की हर विपरीत परिस्थिथि में यदि हम उपरोक्त वर्णित बातो को याद रखे तो कई चीजे टाली जा सकती है ।
🔱💲🔱💲🔱

😊
जरा मुस्कुरा के देखे,
दुनिया हसती नजर आएगी!

🌅
सुबह सैर कर के तो देखे,
सेहत ठीक हो जाएगी!

🍺
व्यसन छोड के तो देखे,
इज्जत बन जाएगी!

🏦
खर्च घटा कर के तो देखे,
अच्छी नीँद आएगी!

💰
मेहनत कर के तो देखे,
पैसे की तंगी चली जाएगी!

🔮
संसार की अच्छाई तो देखे,
बुराई भाग जाएगी!

🔔
ईश्वर का ध्यान कर के तो देखे,
उलझने दुर हो जाएगी!

🙏
माता पिता की बात मान कर तो
देखे,
जिन्दगी संवर जाएगी!

🔱💲🔱💲🔱

यदि खुबसूरत लगा हो तो अपने अन्य मित्रों को भी भेजे....

जिंदगी

बहुत ही सुन्दर वर्णन है .

मस्तक को थोड़ा झुकाकर देखिए....
अभिमान मर जाएगा

आँखें को थोड़ा भिगा कर देखिए.....
पत्थर दिल पिघल जाएगा

दांतों को आराम देकर देखिए.....
स्वास्थ्य सुधर जाएगा

जिव्हा पर विराम लगा कर देखिए.....
क्लेश का कारवाँ गुज़र जाएगा

इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए.....
खुशियों का संसार नज़र आएगा ।
🙏 🙏
🌹 🙏 🙏 🌹

🙏દુનિયાના ૮ સુંદર વાક્યો🙏

⚡શેક્સપીયર:
કોઈ દિવસ કોઈની લાગણીઓ સાથે રમશો નહિ કારણ કે કદાચ ત્યારે તમે એ રમતમાં જીતી જશો પણ એ વ્યક્તિને કાયમ માટે તમારા જીવન માંથી ખોઈ બેસશો.

⚡નેપોલિયન:
આ દુનિયા એ ગણું સહન કર્યું છે, નહિ કે ખરાબ લોકો ના તોફાન થી પણ સારા લોકો ના મૌન ના કારણે સહન કરવું પડ્યું છે.

⚡આઈનસ્ટાઇન:
હું મારા જીવનમાં સદાય એ લોકો નો આભારી છું જેમને મને દરેક વાતમાં ના પડી કારણ કે એટલા માટે જ હું જીવનમાં આટલું બધું કરી શક્યો.

⚡અબ્રાહમ લિંકન:
જો મિત્રતા તમારી કમજોરી છે તો તમે દુનિયાના સૌથી શક્તીશાળી વ્યક્તિ છો.

⚡શેક્સપીયર:
હસતા ચહેરા નો મતલબ એ નથી કે એનામાં દુખ નથી પણ એનો મતલબ એ છે કે એને દુખ સાથે સારી રીતે તાલમેલ કરતા આવડે છે.

⚡વિલિયમ આર્થર:
તક ઉગતા સૂર્ય જેવી છે જો તમે લાંબો સમય એની રાહ જોઈ રહ્યા તો જતી જ રહેવાની છે.

⚡હિટલર:
જયારે તમે ઉજાસ માં હોવ ત્યારે બધા જ તમરી સાથે રહેશે પણ જેવા તમે અંધારામાં ગયા કે તરત તમારો કાયમી સાથી પડછાયો પણ તમારો સાથ છોડી દેશે.

⚡શેક્સપીયર:
સિક્કો હમેશા અવાજ કરે છે પણ ચલણી નોટ જરાય અવાજ નથી કરતી તો જયારે તમારું મૂલ્ય વધે ત્યારે હમેશા શાંત રહો.

Thursday, July 9, 2015

જીવન

ગમતું હોય તે મળતું નથી,
મળે છે તે ગમતું નથી...
ગજબ છે ઝીંદગી ની રમતો,
આવે જયારે ૩ એક્કા ત્યારે
સામે કોઈ રમતું નથી. —

વ્યસન છોડી દો ,
તો કસરત જ છે .
કોઈને નડો નહી તો
સમાજ સેવા જ છે .
પાપ ના કરો તો ,
પુણ્ય જ છે .
જેના લીધા છે એને ,
પાછા આપીદો તો દાન જ છે .

કેટલુ સરળ છે ઈશ્વર 'ને' માનવું.
પરંતુ,
કેટલુ કઠણ છે ઈશ્વર 'નુ' માનવું ...

Wednesday, July 8, 2015

નસીબથી મળી છે જીંદગી

લાંબી આ સફરમાં, જીંદગીના ઘણાં રૂપ જોયાં છે,

તમે એકલા શાને રડો છો? સાથી તો અમે પણ ખોયા છે.

આપ કહો છો, આને શું દુઃખ છે? એ તો સદા હસે છે,

અરે, આપ શું જાણો, આ સ્મિતમાં કેટલું દુઃખ વસે છે.

મંઝીલ સુધી ના પહોંચ્યા તમે, એ વાતથી દુઃખી છો?

પણ ચાલવા મળ્યો રસ્તો તમને, એટલા તો સુખી છો.

આપને છે ફરીયાદ કે કોઈને તમારા વિશે સૂજ્યું નથી,

અરે, અમને તો ’કેમ છો?’ એટલું યે કોઈએ પૂછ્યું નથી.

જે થયું નથી એનો અફસોસ શાને કરો છો?

આ જીંદગી જીવવા માટે છે, આમ રોજ-રોજ શાને મરો છો?

આ દુનિયામાં સંપૂર્ણ સુખી તો કોઈ નથી,

એક આંખ તો બતાવો મને, જે ક્યારેય રોઈ નથી.

બસ, એટલું જ કહેવાનું છે, જીંદગીની દરેક ક્ષણ દિલથી માણો,

નસીબથી મળી છે જીંદગી, તો એને જીવી જાણો.

Tuesday, July 7, 2015

शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,

बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!

ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!

वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!

सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।

"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!

"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,

पर चुप इसलिये हु कि,
जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"...

Monday, July 6, 2015

The Truth of Life

દિવસ ઊગે ત્યારે લાગે પૈસા ની જરૂર છે, 
જેમ જેમ સાંજ થતી જાય ત્યારે લાગે શાંતિ ની જરૂર છે!
કંઇ લાખો ચાલ્યા ગયા નજર પણ પડતી નથી,
કંઇ લાખો ચાલ્યા જશે નજર પણ રડતી નથી,
હે માનવ ના કર અભિમાન તારી મીલકત નુ,
અહી સમ્રાટ, સિકંદરની કબર પણ જડતી નથી........


The Truth of Life

www.rkdangar.blogspot.com

Sunday, July 5, 2015

जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है।

एक मित्र ने बहुत ही सुंदर पंक्तियां भेजी है, फारवर्ड करने से खुद को रोक नहीं पाया ....

पानी ने दूध से मित्रता की और उसमे समा गया..

जब दूध ने पानी का समर्पण देखा तो उसने कहा-
मित्र तुमने अपने स्वरुप का त्याग कर मेरे स्वरुप को धारण किया है....

अब मैं भी मित्रता निभाऊंगा और तुम्हे अपने मोल बिकवाऊंगा।

दूध बिकने के बाद
जब उसे उबाला जाता है तब पानी कहता है..

अब मेरी बारी है मै मित्रता निभाऊंगा
और तुमसे पहले मै चला जाऊँगा..
दूध से पहले पानी उड़ता जाता है

जब दूध मित्र को अलग होते देखता है
तो उफन कर गिरता है और आग को बुझाने लगता है,

जब पानी की बूंदे उस पर छींट कर उसे अपने मित्र से मिलाया जाता है तब वह फिर शांत हो जाता है।

पर
इस अगाध प्रेम में..
थोड़ी सी खटास-
(निम्बू की दो चार बूँद)
डाल दी जाए तो
दूध और पानी अलग हो जाते हैं..

थोड़ी सी मन की खटास अटूट प्रेम को भी मिटा सकती है।

रिश्ते में..
खटास मत आने दो॥
"क्या फर्क पड़ता है,
हमारे पास कितने लाख,
कितने करोड़,
कितने घर,
कितनी गाड़ियां हैं,

खाना तो बस दो ही रोटी है।
जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है।
I
फर्क इस बात से पड़ता है,
कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये,
कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए।
🌺🌺🌺🌺🌺🌿🌿

Saturday, July 4, 2015

तुलसी Tulshi

तुलसी का पौधा बता देगा, आप पर कोई मुसीबत आने वाली है..🌴🙏
मानयताहै कि आपके घर, परिवार या आप पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले आपके घर में स्थित तुलसी के पौधे पर होता है। आप उस पौधे का कितना भी ध्यान रखें धीरे-धीरे वो पौधा सूखने लगता है। तुलसी का पौधा ऐसा है जो आपको पहले ही बता देगा कि आप पर या आपके घर परिवार को किसी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।

पुराणों और शास्त्रों के अनुसार माना जाए तो ऐसा इसलिए होता है कि जिस घर पर मुसीबत आने वाली होती है उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी तुलसी चली जाती है क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां होता है वहां लक्ष्मी जी का निवास नही होता। अगर ज्योतिष की माने तो ऐसा बुध के कारण होता है। बुध का प्रभाव हरे रंग पर होता है और बुध को पेड़ पौधों का कारक ग्रह माना जाता है।

बुध ऐसा ग्रह है जो अन्य ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव जातक तक पहुंचाता है। अगर कोई ग्रह अशुभ फल देगा तो उसका अशुभ प्रभाव बुध के कारक वस्तुओं पर भी होता है। अगर कोई ग्रह शुभ फल देता है तो उसके शुभ प्रभाव से तुलसी का पौधा उत्तरोत्तर बढ़ता रहता है। बुध के प्रभाव से पौधे में फल फूल लगने लगते हैं।प्रतिदिन चार पत्तियां तुलसी की सुबह खाली पेट ग्रहण करने से मधुमेह, रक्त विकार, वात, पित्त आदि दोष दूर होने लगते है तुलसी के समीप आसन लगा कर यदि कुछ समय हेतु प्रतिदिन बैठा जाये तो श्वास के रोग अस्थमा आदि से जल्दी छुटकारा मिलता है.

घर में तुलसी के पौधे की उपस्थिति एक वैद्य समान तो है ही यह वास्तु के दोष भी दूर करने में सक्षम है हमारें शास्त्र इस के गुणों से भरे पड़े है जन्म से लेकर मृत्यु तक काम आती है यह तुलसी.... कभी सोचा है कि मामूली सी दिखने वाली यह तुलसी हमारे घर या भवन के समस्त दोष को दूर कर हमारे जीवन को निरोग एवम सुखमय बनाने में सक्षम है माता के समान सुख प्रदान करने वाली तुलसी का वास्तु शास्त्र में विशेष स्थान है हम ऐसे समाज में निवास करते है कि सस्ती वस्तुएं एवं सुलभ सामग्री को शान के विपरीत समझने लगे है महंगी चीजों को हम अपनी प्रतिष्ठा मानते है कुछ भी हो तुलसी का स्थान हमारे शास्त्रों में पूज्यनीय देवी के रूप में है तुलसी को मां शब्द से अलंकृत कर हम नित्य इसकी पूजा आराधना भी करते है इसके गुणों को आधुनिक रसायन शास्त्र भी मानता है इसकी हवा तथा स्पर्श एवम इसका भोग दीर्घ आयु तथा स्वास्थ्य विशेष रूप से वातावरण को शुद्ध करने में सक्षम होता है शास्त्रानुसार तुलसी के विभिन्न प्रकार के पौधे मिलते है उनमें श्रीकृष्ण तुलसी, लक्ष्मी तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, नील तुलसी, श्वेत तुलसी, रक्त तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी मुख्य रूप से विद्यमान है सबके गुण अलग अलग है शरीर में नाक कान वायु कफ ज्वर खांसी और दिल की बिमारिओं पर खास प्रभाव डालती है.

वास्तु दोष को दूर करने के लिए तुलसी के पौधे अग्नि कोण अर्थात दक्षिण-पूर्व से लेकर वायव्य उत्तर-पश्चिम तक के खाली स्थान में लगा सकते है यदि खाली जमीन ना हो तो गमलों में भी तुलसी को स्थान दे कर सम्मानित किया जा सकता है.

तुलसी का गमला रसोई के पास रखने से पारिवारिक कलह समाप्त होती है पूर्व दिशा की खिडकी के पास रखने से पुत्र यदि जिद्दी हो तो उसका हठ दूर होता है यदि घर की कोई सन्तान अपनी मर्यादा से बाहर है अर्थात नियंत्रण में नहीं है तो पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे में से तीन पत्ते किसी ना किसी रूप में सन्तान को खिलाने से सन्तान आज्ञानुसार व्यवहार करने लगती है.

कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो अग्नि कोण में तुलसी के पौधे को कन्या नित्य जल अर्पण कर एक प्रदक्षिणा करने से विवाह जल्दी और अनुकूल स्थान में होता है सारी बाधाए दूर होती है.

यदि कारोबार ठीक नहीं चल रहा तो दक्षिण-पश्चिम में रखे तुलसी कि गमले पर प्रति शुक्रवार को सुबह कच्चा दूध अर्पण करे व मिठाई का भोग रख कर किसी सुहागिन स्त्री को मीठी वस्तु देने से व्यवसाय में सफलता मिलती है

नित्य पंचामृत बना कर यदि घर कि महिला शालिग्राम जी का अभिषेक करती है तो घर में वास्तु दोष हो ही नहीं सकता...

માહિતી

આપણને માહિતી ઈન્ટરનેટ પર સાચી લિંક ના મળવાને કારણે ઓનલાઈન માહિતી જોવામાં મુશ્કેલી પડે છે.


તમારા ગામની માહિતી તથા કોઈપણ ગામનો ટેલીફોન કોડ જાણવા માટે⤵⤵

http://www.pravinvankar.com/2015/05/village-city-information.html

તમારા ગામનું લઘુત્તમ અને મહત્તમ તાપમાન જાણો છો ? જોવા માટે⤵⤵

http://www.pravinvankar.com/2015/05/find-your-village-weather-temperature.html

ભારતની તમામ બેંકોના IFSE કોડ તથા સરનામું જોવા. All India bank ifce code & address mate⤵⤵
http://www.pravinvankar.com/2015/05/all-bank-ifsc-code-address.html

ભારતના તમામ ગામ તથા શહેરના પીનકોડ જોવા. All India pin code number⤵⤵

http://www.pravinvankar.com/2015/05/all-india-pin-code.html


શું આપને આપના ગામની વસ્તી ખબર છે ?
જો તમારે સમગ્ર ભારતના કોઈપણ રાજ્ય, જીલ્લા, તાલુકા કે ગામની જનસંખ્યા જાણવી હોય તો નીચેની લિંક પરથી જાણો⤵⤵

http://www.pravinvankar.com/2015/05/how-your-village-population.html


કોઈપણ બે સ્થળ વચ્ચેનું અંતર ઓનલાઈન જાણો. ⤵⤵

http://www.pravinvankar.com/2015/05/two-places-between-distance.html



આવી માહિતી ઈન્ટરનેટ પર સાચી લિંક ના મળવાને કારણે જોવામાં મુશ્કેલી પડે છે.
પોતાને ગમતી બાબતો બીજા મિત્રો સુધી પહોંચાડો.

The Truth Of Life

ઝોકું "જલેબી" નથી,
તો ય "ખવાય" જાય છે..

આંખો "તળાવ" નથી,
તો ય "ભરાય" જાય છે..
.
ઇગો "શરીર" નથી,
તો ય "ઘવાય" જાય છે..

દુશ્મની "બીજ" નથી,
તો ય "વવાય" જાય છે..

હોઠ "કપડું" નથી,
તો ય "સિવાઈ" જાય છે..

કુદરત "પત્ની" નથી,
તો ય "રિસાઈ" જાય છે
.
બુદ્ધિ "લોખંડ" નથી,
તો ય "કટાઇ" જાય છે..


અને...
.
માણસ "હવામાન" નથી,
તો ય "બદલાઈ" જાય છે.

Sunday, June 28, 2015

जिले जरा कल के लिए आज को न खोना

ऐ "सुख" तू कहाँ मिलता है
क्या. तेरा कोई. स्थायी. पता. है

क्यों बन बैठा है. अन्जाना
आखिर. क्या है तेरा ठिकाना।

कहाँ कहाँ. ढूंढा. तुझको
पर. तू न. कहीं मिला मुझको

ढूंढा. ऊँचे मकानों. में
बड़ी बड़ी दुकानों. में

स्वादिस्ट पकवानों. में
चोटी. के. धनवानों. में

वो भी तुझको. ढूंढ. रहे थे
बल्कि मुझको. ही पूछ. रहे. थे

क्या आपको कुछ पता है
ये सुख आखिर कहाँ रहता है?

मेरे. पास. तो. "दुःख" का पता था
जो सुबह शाम. अक्सर. मिलता था

परेशान होके रपट लिखवाई
पर ये कोशिश भी काम न आई

उम्र अब ढलान. पे. है
हौसले थकान. पे. है

हाँ उसकी. तस्वीर है मेरे. पास
अब. भी. बची हुई. है आस

मैं. भी. हार नही मानूंगा
सुख. के. रहस्य को. जानूंगा

बचपन. में मिला करता था
मेरे साथ रहा करता. था

पर. जबसे. मैं बड़ा हो. गया
मेरा. सुख मुझसे जुदा. हो गया।

मैं फिर भी. नही हुआ हताश
जारी रखी उसकी तलाश

एक. दिन. जब आवाज. ये आई
क्या. मुझको. ढूंढ. रहा है भाई

मैं. तेरे. अन्दर छुपा. हुआ. हूँ
तेरे. ही. घर. में. बसा. हुआ. हूँ

मेरा. नही. है कुछ. भी "मोल"
सिक्कों. में. मुझको. न. तोल

मैं. बच्चों. की. मुस्कानों. में हूँ
हारमोनियम की. तानों में. हूँ

पत्नी. के. साथ चाय. पीने. में
"परिवार" के. संग. जीने. में

माँ. बाप के. आशीर्वाद में
रसोई घर के पकवानो। में

बच्चों। की सफलता। में। हूँ
माँ। की। निश्छल। ममता में हूँ

हर। पल। तेरे। संग रहता। हूँ
और अक्सर। तुझसे कहता। हूँ

मैं तो हूँ बस। एक "अहसास"
बंद। कर दे तु। मेरी तलाश

जो मिला उसी। में। कर "संतोष"
आज को। जी। ले। कल की न सोच

कल के लिए। आज। को न खोना

मेरे लिए कभी दुखी न होना ।।
मेरे लिए कभी दुखी न होना ।।

THE TRUTH OF LIFE

अँधेरी सुरंग

मैं "किसी से" बेहतर करुं
क्या फर्क पड़ता है..!
मै "किसी का" बेहतर करूं
बहुत फर्क पड़ता है..!!

एक काफिला सफ़र के दौरान अँधेरी सुरंग से गुजर रहा था । उनके पैरों में कंकरिया चुभी, कुछ लोगों ने इस ख्याल से कि किसी और को ना चुभ जाये, नेकी की खातिर उठाकर जेब में रख ली । कुछ ने ज्यादा उठाई कुछ ने कम । जब अँधेरी सुरंग से बाहर आये तो देखा वो हीरे थे। जिन्होंने कम उठाये वो पछताए कि ज्यादा क्यों नहीं उठाए । जिन्होंने नहीं उठाए वो और पछताए । दुनिया में जिन्दगी की मिसाल इस अँधेरी सुरंग जैसी है और नेकी यहाँ कंकरियों की मानिंद है । इस जिंदगी में जो नेकी की वो आखिर में हीरे की तरह कीमती होगी और इन्सान तरसेगा कि और ज्यादा क्यों ना की।

ડ્રાઇવિંગ લાઇસન્સ કેમ કઢાવવું

મિત્રો તમારા માંથી ઘણા મિત્રો ને ડ્રાઇવિંગ લાઇસન્સ કેમ કઢાવવું એની માહીતી નથી હોતી એટલા માટે તેઓ એજન્ટ રાખતા હોય છે મિત્રો તમને ખબર છે કે લાઇસન્સ કઢાવવા નો ખર્ચ માત્ર ૪૦૦ ૱ છેતો જે મિત્રો ને લાઇસન્સ કઢાવવાનું બાકી હોય તે બધા મિત્રો નીચે મુજબ આપેલા સ્ટેપપ્રમાણે ફોર્મ ભરીને પોતાની જાતે લાઇસન્સ કઢાવી શકે છે
(1) www.sarthi.nic.in વેબ સાઇટ ખોલો.

(2) ત્યાર પછી Issue of a Learning Licence to me લિંક ઉપર ક્લિક કરો એટલે ફોર્મ ખુલશે.

(3) પુરે પુરુ ફોર્મ ભરાઇ જાઇ ત્યાર પછી સેવ ઓફ લાઇન બટન પર ક્લિક કરો. સેવ કરેલી પીડીએફ ખોલો પછી નીચે સબમિટ બટન પર ક્લિક કરો.

(5) નીચે મેસેજ આવી જશે તે APPLICATION NO. લખી લો.

(6) ત્યાર પછી Print Application Form લિંક ઉપર ક્લિક કરી ને ફોર્મ ની પ્રિન્ટ કાઢો.

(7) ત્યાર પછી Appointment for Slot booking લિંક ઉપર ક્લિક કરો પછી..

(8) -> LL SLOT BOOKING -> LL TEST FOR ONLINE APPLICATION

(9) APPLICATION NO. લખી ને જે દિવસે તમે ફ્રી હો તે દિવસ નો ટાઇમ બૂક કરી ને લેટર ની પ્રિન્ટ કાઢો.

(10) ત્યાર પછી જે દિવસ નો ટાઇમ ફિક્સ કર્યો તે દિવસે જે તે ટાઇમે ફોર્મ ની કોપી, લિવિંગ સર્ટિ, પાસપોર્ટ સાઇજ ના બે ફોટા, ટાઇમ બૂક કરેલો લેટર, રાશન કાર્ડ ની ઝેરોક્ષ, આધારકાર્ડ ની ઝેરોક્ષ, જે પુરાવા તમે લઇ જાવ તે બધા ORIGINAL સાથે લઇ જવા. RTO ની બાજુ માંથી ફોર્મ નં-2 લઇ લેજો. 2 ૱ નું આવશે.

(11) જો પાસ થાવ તો તમને લર્નિગ લાઇસન્સ આપી દેશે.

(12) જો ફેઇલ થાવ તો બીજા દિવસે પાછું જવાનું ૨૫ ૱ ભરીને પછી ફરી ટ્રાય દેવાનો.

(13) પાસ થાવ તો ૩૦ દિવસ પછી http://drivingtesttrack.in/ વેબ સાઇટ ખોલો APPOINMENT FOR SLOT BOOKING ઇમેજ પર ક્લિક કરો LL NO બરાબર નાખજો GJ03 પછી એક સ્પેસ હોય છે.

(15) L L NO નાખો પછી BIRTH DATE પછી બટન પર ક્લિક કરો અને ટાઇમ ફિક્સ કરો પરીક્ષા નો અને તે દિવસે જવાનું એક કલાક વેલા જજો નકર વારો બોવ મોડો આવશે.

(16) સાથે ફી ભર્યા ની બધી પહોંચ અને લર્નિંગ લાઇસન્સ અને RTO ની બાજુ માંથી ફોર્મ નં-4 લઇ લેજો ૨ ૱ નું આવશે.

(17) જો પાસ થાવ તો લાઇસન્સ ઘરે આવી જશે.
www.alpeshpatel84.blogspot.in

Friday, June 26, 2015

કંઇક જાણવા મળ્યું ?

૧. દરરોજ ૧૦ થી ૩૦ મિનિટ ચાલવા જાઓ અને હા, ચાલતી વખતે ચહેરા પર હળવું સ્મિત હોય તો ઉત્તમ!

૨. દરરોજ ઓછામાં ઓછી ૧૦-30 મિનિટ માટે
એકાંતમાં બેસો.

૩. દરરોજ ૭ કલાક ઊંધો.

૪. જોશ, ઉત્સાહ અને કરૂણા આ ત્રણ
મહત્વના ગુણો છે જીવનમાં.

૫. નવી રમતો શિખો/રમો..

૬. ગયા વર્ષે કરતાં આ વર્ષે વધારે પુસ્તકો વાંચો .

૭. ધ્યાન, યોગ અને પ્રાર્થના માટે સમય ફાળવો.

૮. ૭૦થી વધારે ઉંમરના અને ૭થી ઓછી ઉંમરના લોકો સાથે સમય ગાળો.
દરરોજ શક્ય ન હોય તો અઠવાડિએ.

૯. જાગતાં સપનાં જુઓ.

૧૦.. પ્લાન્ટ (ફેકટરી )માં બનતી વસ્તુઓ
કરતાં પ્લાન્ટ(છોડ)માં ઊગેલી વસ્તુઓને
ખોરાકમાં મહત્વનું સ્થાન આપો.

૧૧. પુષ્કળ પાણી પીઓ

૧૨. દરરોજ ઓછામાં ઓછા ત્રણ વ્યક્તિના ચહેરા પર સ્મિત લાવો.

૧૩. ચર્ચા/નિંદા/કુથલીમાં સમય ન બગાડો.

૧૪. ભૂતકાળ ભૂલી જાઓ. ખાસ કરીને પતિ/
પત્નીની ભૂલો. વર્તમાનકાળનો આનંદ લો.

૧૫. રાજાની જેમ સવારનો નાસ્તો કરો,
રાજકુમારની જેમ બપોરનું ભોજન લો અને
ભિખારી જેટલું રાત્રે જમો!

૧૬. દરેક દલીલની સામે જીતી શકવાના નથી,
મતભેદ સ્વિકારી લો.

૧૭. સરખામણી કરવાનું છોડો. ખાસ કરીને પતિ/
પત્નીની સરખામણી.

૧૮. તમારા સુખનું કારણ ફક્ત તમે છો.

૧૯. દરેકને (Unconditional) માફી બક્ષો.
ક્ષમા વીરસ્ય ભૂષણમ્

૨૦. બીજા લોકો તમારા માટે શું વિચારશે
એવા વિચાર છોડો.

૨૧. ભગવાન સૌનું ભલું કરશે.

૨૨. ગમે તેટલી સારી કે ખરાબ પરિસ્થિતિ હશે,
બદલાશે જરૂર.

૨૩. માંદા પડશો ત્યારે તમારો બૉસ નહીં પણ
તમારા મિત્રો તમારી સંભાળ રાખશે,માટે
મિત્રોના સંપર્કમાં રહો.

૨૪. નકામી, નઠારી અને જેમાંથી આનંદ ન મળે
તેવી વસ્તુઓથી દૂર રહો.

૨૫ . ઈર્ષા સમયનો બગાડ છે. તમને જોઈતું બધું તમારી પાસે છે.

૨૬. ઉત્તમ હજી આવવાનું બાકી છે.

૨૭. ગમે તેવો ખરાબ મૂડ હોય, ઊઠો, તૈયાર થાઓ અને બહાર આંટો મારી આવો.

૨૮. દરરોજ સવારે ઊઠીને ભગવાનનો આભાર માનો.

૨૯. આ જડીબુટ્ટીઓનું સેવન કરો અને
સગા વ્હાલાઓને પણ જણાવો.

30. નસીબથી મળી છે જીંદગી તો એને
જીવી જાણો.

૩૧. કારણ વગર નાં સવાલો પૂછો નહિ.

૩૨. બીજા નું માપ કાઢશો નહિ

૩૩. શંકાશીલ બનવા કરતા વિશ્વાસ રાખવા શીખો
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The Truth Of Life

Thursday, June 25, 2015

ફરી સ્કુલે જવું છે...

મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

દોડતાં જઈને મારી રોજની બાંકડીએ બેસવું છે ,

રોજ સવારે ઊંચા અવાજે રાષ્ટ્રગીત ગાવું છે.

નવી નોટની સુગંધ લેતાં પહેલા પાને ,

સુંદર અક્ષરે મારું નામ લખવું છે.

...મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

રીસેસ પડતાં જ વોટરબેગ ફેંકી ,

નળ નીચે હાથ ધરી પાણી પીવું છે.

જેમ તેમ લંચબોક્સ પૂરું કરી...

મરચુ મીઠું ભભરાવેલ , આમલી-બોર-જમરુખ- કાકડી બધું ખાવું છે.

સાઈકલના પૈડાની સ્ટમ્પ બનાવી ક્રિકેટ રમવું છે ,

કાલે વરસાદ પડે તો નીશાળે રજા પડી જાય ,

એવાં વિચારો કરતાં રાતે સુઈ જવું છે , અનપેક્ષીત રજાના આનંદ માટે...

મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

છૂટવાનો ઘંટ વાગવાની રાહ જોતાં ,

મિત્રો સાથે ગપ્પાં મારતાં વર્ગમાં બેસવું છે.

ઘંટ વાગતાં જ મિત્રોનું કુંડાળુ કરીને ,

સાઈકલની રેસ લગાવતાં ઘેર જવું છે.

રમત-ગમતના પીરીયડમાં...

તારની વાડમાંના બે તાર વચ્ચેથી સરકી બહાર ભાગી જવું છે.

તો ભાગી જવાની મોજ અનુભવવા...

મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

દીવાળીના વેકેશનની રાહ જોતાં ,

છ માસીક પરીક્ષાનો અભ્યાસ કરવો છે.

દીવસભર કિલ્લો બાંધીને માટીને પગથી તોડી ,

હાથ ધોયા વિના ફરાળની થાળી પર બેસવું છે.

રાતે ઝાઝા બધા ફટાકડા ફોડ્યા પછી , તેમાંથી ન ફૂટેલા ફટાકડા શોધતાં ફરવું છે.

વેકેશન પત્યા પછી બધી ગમ્મતો દોસ્તોને કહેવા...

મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

કેટલીયે ભારે જવાબદારીઓના બોજ કરતાં ,

પીઠ પર દફતરનો બોજ વગાડવો છે....

ગમે તેવી ગરમીમા એરકંડીશન્ડ ઓફીસ કરતાં ,

પંખા વીનાના વર્ગમાં બારી ખોલીને બેસવું છે.

કેટલીયે તૂટ્ફૂટ વચ્ચે ઓફીસની આરામદાયક ખુરશી કરતાં ,

બે ની બાંકડી પર ત્રણ દોસ્તોએ બેસવું છે...

"બચપણ પ્રભુની દેણ છે" - તુકારામના એ અભંગનો અર્થ હવે થોડો સમજમાં આવવા માંડ્યો છે.

એ બરાબર છે કે નહી તે સાહેબને પુછવા માટે...

મારે ફરી એકવાર શાળાએ જવું છે.

નાનો હતો ત્યારે જલ્દી મોટા થવું હતું...

આજે જયારે મોટો થયો ત્યારે ખ્યાલ આવે છે કે,

"તૂટેલા સ્વપ્નો" અને "અધુરી લાગણીઓ" કરતા-

"તૂટેલા રમકડા" અને "અધૂરા હોમવર્ક" સારા હતા..

આજે સમજાય છે કે જયારે "બોસ" ખીજાય એના કરતા,

શાળા માં શિક્ષક "અંગુઠા" પકડાવતા હતા એ સારું હતું...

આજે ખબર પડી કે ૧૦-૧૦ રૂપિયા ભેગા કરી ને જે નાસ્તાનો જે આનંદ આવતો હતો એ આજે "પીઝા" મા નથી આવતો...

ફક્ત મારેજ નહી - આપણે બધાને ફરી સ્કુલે જવું છે...

Wednesday, June 24, 2015

मेरा सपना

✅"मेरा सपना..!!!''

कल रात मैंने एक
"सपना" देखा.!!

सपने में....
मैं और मेरी Family
शिमला घूमने गए..!

हम सब
शिमला की रंगीन वादियों में
कुदरती नजारा देख रहे थे..!

जैसे ही हमारी Car
Sunset Point की ओर
निकली...

अचानक गाडी के
Breakफेल हो गए
और हम सब
करीबन 1500 फिट
गहरी खाई में जा गिरे..!


मेरी तो
on the spot Death
हो गई....

जीवन में कुछ अच्छे कर्म किये होंगे
इसलिये यमराज मुझे
स्वर्ग में ले गये...

देवराज इंद्र ने
मुस्कुराकर
मेरा स्वागत किया...

मेरे हाथ में
Bag देखकर पूछने लगे

''इसमें क्या है..?"


मैंने कहा...
'' इसमें मेरे जीवन भर की कमाई है, पांच करोड़ रूपये हैं ।"


इन्द्र ने
'BRP-16011966'
नम्बर के Locker की ओर
इशारा करते हुए कहा-
''आपकी अमानत इसमें रख
दीजिये..!''

मैंने Bag रख दी...

मुझे एक Room भी दिया...

मैं Fresh होकर
Market में निकला...

देवलोक के
Shopping मॉल मे
अदभूत वस्तुएं देखकर
मेरा मन ललचा गया..!

मैंने कुछ चीजें पसन्द करके
Basket में डाली,
और काउंटर पर जाकर
उन्हें हजार हजार के
करारे नोटें देने लगा...

Manager ने
नोटों को देखकर कहा,
''यह करेंसी यहाँ नहीं चलती..!''

यह सुनकर
मैं हैरान रह गया..!

मैंने इंद्र के पास
Complaint की
इंद्र ने मुस्कुराते हुए कहा कि,
''आप व्यापारी होकर
इतना भी नहीं जानते..?
कि आपकी करेंसी
बाजु के मुल्क
पाकिस्तान,
श्रीलंका
और बांगलादेश में भी
नही चलती...

और आप
मृत्यूलोक की करेंसी
स्वर्गलोक में चलाने की
मूर्खता कर रहे हो..?''


यह सब सुनकर
मुझे मानो साँप सूंघ गया..!

मैं जोर जोर से दहाड़े मारकर
रोने लगा.
और परमात्मा से
दरखास्त करने लगा,
''हे भगवान्.ये...
क्या हो गया.?''
''मैंने कितनी मेहनत से
ये पैसा कमाया..!''
''दिन नही देखा,
रात नही देखा,"
'' पैसा कमाया...!''

''माँ बाप की सेवा नही की,
पैसा कमाया,
बच्चों की परवरीश नही की,
पैसा कमाया....
पत्नी की सेहत की ओर
ध्यान नही दिया,
पैसा कमाया...!''

''रिश्तेदार,
भाईबन्द,
परिवार और
यार दोस्तों से भी
किसी तरह की
हमदर्दी न रखते हुए
पैसा कमाया.!!"

''जीवन भर हाय पैसा
हाय पैसा किया...!
ना चैन से सोया,
ना चैन से खाया...
बस,
जिंदगी भर पैसा कमाया.!''

''और यह सब
व्यर्थ गया..?''

''हाय राम,
अब क्या होगा..!''

इंद्र ने कहा,-
''रोने से
कुछ हासिल होने वाला
नहीं है.!! "
"जिन जिन लोगो ने
यहाँ जितना भी पैसा लाया,
सब रद्दी हो गया।"

"जमशेद जी टाटा के
55 हजार करोड़ रूपये,
बिरला जी के
47 हजार करोड़ रूपये,
धीरू भाई अम्बानी के
29 हजार करोड़
अमेरिकन डॉलर...!
सबका पैसा यहां पड़ा है...!"

मैंने इंद्र से पूछा-
"फिर यहां पर
कौनसी करेंसी
चलती है..?"


इंद्र ने कहा-
"धरती पर अगर
कुछ अच्छे कर्म
किये है...!

जैसे किसी दुखियारे को
मदद की,
किसी रोते हुए को
हसाया,
किसी गरीब बच्ची की
शादी कर दी,
किसी अनाथ बच्चे को
पढ़ा लिखा कर
काबिल बनाया...!
किसी को
व्यसनमुक्त किया...!
किसी अपंग स्कुल, वृद्धाश्रम या
मंदिरों में दान धर्म किया...!"

"ऐसे पूण्य कर्म करने वालों को
यहाँ पर एक Credit Card
मिलता है...!
और
उसे वापर कर आप यहाँ
स्वर्गीय सुख का उपभोग ले
सकते है..!''


मैंने कहा,
"भगवन....
मुझे यह पता
नहीं था.
इसलिए मैंने अपना जीवन
व्यर्थ गँवा दिया.!!"

"हे प्रभु,
मुझे थोडा आयुष्य दीजिये..!''

और मैं गिड़गिड़ाने लगा.!

इंद्र को मुझ पर दया आ गई.!!

इंद्र ने तथास्तु कहा
और मेरी नींद खुल गयी..!

मैं जाग गया..!

अब मैं वो दौलत कमाऊँगा
जो वहाँ चलेगी..!!