Monday, September 28, 2015

Life

જંગલ માં રોજ સવાર પડે અને હરણ વિચારે છે કે મારે સિંહ થી વધારે તેજ દોડવું પડશે નહિતર મને ખાઈ જશે...
અને સિંહ વિચારે છે કે મારે હરણ થી વધારે તેજ દોડવું પડશે નહિતર હું ભૂખ્યો મરી જઈશ...
કહેવાનો મતલબ ખાલી એટલો જ કે તમે સિંહ છો કે હરણ કોઈ ફેર નથી પડતો. જો તમારે સારી જિંદગી માણવી છે તો તમારે રોજ દોડતા રહેવું પડશે.
જે દિવસે આરામ કરવાની ટેવ પાડી લીધી બસ એ દિવસ થી ભૂખ્યા મરવાનો વારો આવશે.....
સંઘર્ષ વિના કઈ પણ મળતું નથી..

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[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: મારા વિશે જે કંઈ તું ધારે છે,
સાચું કહું ? થોડું વધારે છે…
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: वो अक्सर देता है मुझे परिंदों की मिसाल,
साफ़ नहीं कहता के मेरा शहर छोड़ जाओ ..
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: એની ગલી જ એટલી કે સાંકડી હતી,અમને અમારી જાત પણ આડી નડી હતી.👆👌
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: જોવા માટેની આંખો એક છે,
છતાય ક્યાંક સમજ ફેર છે તો
ક્યાંક નજર ફેર છે.
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: સહુથી સારો સંબંધ આપણી આંખોનો છે,
એક સાથે ખૂલે છે,
એક સાથે બંધ થાય છે,
એક સાથે રોવે છે,
અને એક સાથે જ સુવે છે,
એ પણ આખી જિંદગી એક બીજા ને જોયા વગર
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: तेरे पास जो है उसमें सबर कर...
उसकी कदर कर दीवाने...!!!

यहाँ तो आसमां के पास भी ....
खुद की जमीन नही......!!!?
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: મારૉ વહાલૉ વરસાદ
તૉફાને ચઢયૉ હતૉ
કરી મે બારી જરાક જૉ બંધ
તો હજી સુધી એ રીસાણૉ છે...
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में,


दर्द हो तो समझ लेना रिश्ता अभी बाकी है



Bhai 👌
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: लोग कहते है कि सुधर जाओ, वरना public रूठ जायेगी,
हम कहतें है Ki Public तो वैसे भी रूठी है,
But हम सुधर गए, तो हमारी पहचान रूठ जायेगी..
[21/09 8:44 pm] Ramde Dangar: ફોટાઓ ભલે ‪#‎delete‬ કરી નાખ્યા હોય...
પણ,
મારી સ્મૃતિમાં એ પળ આજેય કેદ છે...
[21/09 9:24 pm] Ramde Dangar: युगो थइ गया रास लीला ने
हजी कोण रास आ रमाडया करे छे
हजी आ रास जोइ लाग्या करे छे
हजी क्यांक कानजी जाग्या करे छे ।
[21/09 9:24 pm] Ramde Dangar: ‪🌷‎वसीयतें‬ लिखवा लेने से,
फक्र नही पड़ता साहेब !
ये तो....उडान बताती है के ,
आसमान किसका है !!
🌷🙏🌷🙏🌷🙏🌷
[21/09 9:25 pm] Ramde Dangar: "सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए
और
जिंदगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए !!
जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों,
यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा!
जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे बारिश में ....
जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रह गए...
[21/09 9:25 pm] Ramde Dangar: किसी ने पूछा कि
"उम्र" और "जिन्दगी"
में क्या फर्क है ?

बहुत सुन्दर जवाब…

जो अपनों के बिना बीती
वो "उम्र" और
जो अपनों के साथ बीती
वो "जिन्दगी"
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: "सच्चा व्यक्ति ना तो नास्तिक होता
है ना ही आस्तिक होता है ।
सच्चा व्यक्ति हर समय वास्तविक होता
है ।"
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: किसी ने पूछा कि
"उम्र" और "जिन्दगी"
में क्या फर्क है ?

बहुत सुन्दर जवाब…

जो अपनों के बिना बीती
वो "उम्र" और
जो अपनों के साथ बीती
वो "जिन्दगी"
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: "छाती सुधी तो
कोई पण परिचित भेटी शके छे;

बहू ओछा मित्रो
हृदय सुधी पहोची शके छे."
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: "सच्चा व्यक्ति ना तो नास्तिक होता
है ना ही आस्तिक होता है ।
सच्चा व्यक्ति हर समय वास्तविक होता
है ।"
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं,कि चार लोग क्या कहेंगे....
और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं,राम नाम सत्य है...
[21/09 9:26 pm] Ramde Dangar: 👌👌👌👌👌👌👌
जिन्दगी में दो चीजें कभी

मत कीजिए…..

झूठे आदमी के साथ “प्रेम”
और

सच्चे आदमी के साथ
” गेम ”
👌👌👌👌👌👌👌
[21/09 9:48 pm] Ramde Dangar: "किस को क्या इलज़ाम दूं
दोस्तो...,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने
थे,
और दफनाने वाले
भी अपने थे...
[22/09 9:42 pm] Ramde Dangar: True line

"कफ़न "- भी क्या चीज़ है !
जिसने बनाया उसने बेच दिया ,
जिसने खरीदा उसने इस्तेमाल ही नही किया !
और जिसने इस्तेमाल किया उसे मालूम ही नहीँ !!!!!
[22/09 9:42 pm] Ramde Dangar: लोग सुबूत माँगते हैं हम से हमारी बर्बादी का,
अब कैसे बताएँ,अपने हादसों के हम अकेले ही गवाह
[22/09 9:42 pm] Ramde Dangar: "सच सुनने से न जाने क्यों कतराते है लोग,

तारीफ चाहे झूठी हो,

सुनकर खूब मुस्कुराते है लोग!
जय श्री राधे जय श्री श्याम
[22/09 9:42 pm] Ramde Dangar: हमने खुशियोँ की तिजोरी उनके हवाले की थी,
लेकिन कमबख्त को मेरी हंसी ही चुरानी थी!!
[22/09 9:42 pm] Ramde Dangar: 🍒अपने सायें से भी ज्यादा यकीं मुझे तुझ पर है मेरे दोस्त...?
:
:
क्युकीं अंधेरों में तू मिल जायेगा साया नहीं मिलेगा..."

‪#‎मेरे_दोस्त‬ 😊
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: જો કોઈ પૂછે કે ઝીંદગી માં શું મળ્યું ને શું ગુમાવ્યું ??? તો બિન્દાસ થી કેહ્જો કે જે ગુમાવ્યું તે મારી ભૂલો છે અને જે મળ્યું છે તે ભગવાન ની મહેરબાની છે ...
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: रोज "स्टेटस" बदलने से जिंदगी नहीं बदलती, जिंदगी को
बदलने के लिए ..अपना भी एक "स्टेटस" होना जरुरी है l
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: " સારું છે આંસુઓની કિંમત નથી હોતી .......

નહિતર અમુક તકીયા અબજો માં વેંચાય ...!...
🌿 અલખ 🌿

🌹RAJ 🌹
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: एक मित्र ने पूछा मुझे :
रोज सुबह एक विचार बांटते हो ,
क्या मिलता है आपको ??

हमने हँस कर कह दिया :
लेना देना तो व्यापार है ,
बिन अपेक्षा दे वहीँ तो प्यार है..!!!
❤

🌱 सुप्रभात 🌿
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: बारिश के दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है
लेकिन
बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही अवॉयड कर देते है।
समस्याए कॉमन है,
लेकिन आपका एटीट्यूड इसमें डिफरेंस पैदा करता है।

– अब्दुल कलाम
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: नज़र रखो अपने ‘विचार’ पर,
क्योंकि वे ”शब्द” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर,
क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर,
क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर,
क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर,
क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर,
क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ।,,,,,, 
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: नारद जी ने श्रीकृष्ण से पूछा प्रभु "मौन" और "मुस्कान" में क्या अंतर है ?

तो श्रीकृष्ण जी ने बहुत सुन्दर जबाब दिया"मौन" और "मुस्कान" दो शक्तिशाली हथियार होते है.

"मुस्कान" से कई समस्याओ को हल किया जा सकता है और "मौन" रहकर कई समस्याओ को दूर रखा जा सकता है...!!
🙏जय श्री कृष्ण
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: : मुझे अगर नजर लगेगी तो
अपनी ही लगेगी ..

दुश्मन कहा अपनी नजर में
इतना असर रखते है. ..
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: आज का ज्ञान:
अगर बनना है तो उस तालाब की तरह बनो..जहाँ शेर भी पानी पिता है और बकरी भी......मगर सर झुका के....
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: ·
सच कभी नही होते मैंने वो सपनोका खेल देखा है ,
दर्द देना नही चुकते मैंने वो अपनोंका खेल देखा है ….
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: जिस दिन आपको लगे के...
पूरी दुनिया आपके सामने आपके खिलाफ खडी हे।
उस समय दुनिया के तरफ पीठ घुमाओ और एक सेल्फ़ि निकालो पूरी दुनिया आपके साथ होंगी।
Think Positive
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: नज़र रखो अपने ‘विचार’ पर,
क्योंकि वे ”शब्द” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर,
क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर,
क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर,
क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर,
क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर,
क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ।,,,,,, 
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: જ્યારે જ્યારે હું અટવાયો છું,
મિત્રોથી જ સચવાયો છું,
ભલે ફર્ક લાગે મારી મિત્રતામાં
પણ,
મિત્રોમાંજ વહેંચાયો છું,
મિત્રો થકીજ જીવાયો છું...
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: "इश्क" का धंधा ही बंघ कर दिया साहेब।.... मुनाफे में “जेब” जले.. और घाटे में “दिल”!!!!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: जिम्मेदारियां मजबूर कर देती हैं,
अपना "शहर" छोड़ने को !!

वरना कौन अपनी गली में,
जीना नहीं चाहता ।।।

हसरतें आज भी,
"खत" लिखती हैं मुझे,

बेखबर इस बात से कि,,
मैं अब अपने "पते" पर नहीं रहता !!!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: તારા મિલનની ઝંખના માઝા મૂકી રહી,
જેનો ઘટી રહ્યો હવે સંભવ ક્ષણે ક્ષણે.
- ભગવતીકુમાર શર્મા…
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: "मरती वखते थयु के जीवन आम ज वही गयु,
मारे जीववु छे, मारे जीववु छे
कहेतो कहेतो मारु जीववानु ज रही गयु..!"

शुभरात्री ॥ जय श्री कृष्ण ॥
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: પ્રેમ એટલે કૃષ્ણ જ નહીં…
પ્રેમ એટલે રાધા જ નહીં…
પ્રેમ એટલે-
કૃષ્ણની વાંસળીમાંથી રેલાતાં રાધાની ઊર્મિનાં સૂર
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: ये तो ज़मीन की फितरत है की,
वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना,
तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का
अलग समंदर होता…!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: नादान बहोत हैं वोह, जैसे कुछ समझते ही नहीं,
सीने से लगा कर पूछते हैं, धड़कन क्यु तेज है..!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: 💫बहुत सुन्दर सन्देश💫

दो हाथ से हम पचास लोगों को नही मार सकते..

पर दो हाथ जोङ कर हम करोङो लोगों का दिल जीत सकते है.. ❤🌹🙏
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई.,
न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई..
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: લાગણી કેટલી?
વેઢા જેટલી
વેત નમો
સૌને ગમો ,
કારણ એક કે અનેક
બનો
માત્ર નેક,
જીવન જીવો એવું
ખાલી
ખિસ્સા માં રાખો બેંક
નહિ સિક્કા ,નહિ નોટ
હાથમાં રાખવો
કોરો ચેક.

કવિ જલરૂપ
મોરબી
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: लफ्ज ही होते हैं,
इंसान का आईना
शक्ल का क्या.?
वो तो उम्र और
हालात के साथ
अक्सर बदल जाती है।
🍁
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: न किसी का फेंका हुआ मिले,
न किसी से छिना हुआ मिले,
मुझे बस मेरे नसीब में,
लिखा हुआ मिले ।

ना मिला ये भी, तो कोई गम नहीं,
मुझे बस मेरी मेहनत का किया हुआ मिले
🌹good night
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: 🌹सबंध अने संपति,
मुठ्ठी भरो तो रेती छे ,
अने जो वावता रहो तो
खेती छे🌹
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: +जय हिन्दी - जय हिनदुस्तान+
हम सबके अधरों की मुस्कान है हिन्दी |
तुलसी, मीरा, सूर का सम्मान है हिन्दी |
हिन्द की आन-वान-शान है हिन्दी |
दुनियाँ में हिन्द की पहचान है हिन्दी ||
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: कोशिश कर, हल निकलेगा
आज नही तो, कल निकलेगा।
अर्जुन के तीर सा निशाना साध,
जमीन से भी जल निकलेगा ।
मेहनत कर, पौधो को पानी दे,
बंजर जमीन से भी फल निकलेगा ।
ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,
फौलाद का भी बल निकलेगा ।
जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,
समन्दर से भी गंगाजल निकलेगा ।
कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,
जो है आज थमा-थमा सा, वो चल निकलेगा ।
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: 🙏🏾🙏🏾🌹

तेरे दरबार मे आते आते
शाम हो गयी,
पर जब तेरे
दर पे पहुचा ए मेरे
"कृष्ण" तो ये
जिन्दगी हि तेरे
नाम हो गयी...

🌷🌷🌷🌷🌷
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: 🌻 GOOD MORNING 🌻

अज्ञानी व्यक्ति गलती छिपाकर
बडा बनना चाहता है ।

औऱ

ज्ञानी व्यक्ति गलती मिटाकर
बडा बनना चाहता है ।।
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: ❛ હાથ
ભલે ખાલી હોય

હે ઈશ્વર
હૃદય છલોછલ ભરેલું રાખજે ❜
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: " શબ્દો તો હંમેશા સંવેદના થી છલોછલ હોય છે,

તેમને

છંછેડવા, છેતરવા,

છાવરવા, છુપાવવા કે

છલકાવવા ...

એ આપણે નક્કી કરવાનું !!"
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: Nice lines :
"सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए
और
जिंदगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए !!
जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों,
यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा!
जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे बारिश में ....
जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रह गए... 🌹
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: हम कड़वी गोली को
जल्दी से गटक जाते हैं
परंतु मीठी चॉकलेट को
खूब चबा कर खाते हैं

इसी तरह जीवन में

बुरे समय को जल्दी भूलें
और अच्छे समय का
खूब आनंद उठायें
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: * 💐🌺🌷🌸🌹

होशियार माणस थी भुलो थाय,
तेवुं क्यारेक बने छे, पन
भुलो थी माणस होशियार थाय,
तेवुं जरुर बने छे

🌹🌺 सु प्रभात 🌺🌹
🙏 आपका दीन मंगलमय हो 🙏
🌻🌹🌸🌷🌼
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: नदी में पानी मीठा रहता है क्योंकि वो देती रहती है सागर का पानी खारा रहता है क्योंकि वो लेता रहता है नाले का पानी दुर्गंध पैदा करता है क्योंकि वो रुका रहता है - आपना जीवन भी वैसा ही है
देते रहेंगे तो मीठे लगेंगे
लेते रहेंगे तो खारे लगेंगे
रुके रहेंगे तो बेचारे लगेंगे
हर रिश्ते में विश्वास रहने दो
जुबान पर हर वक़्त
मिठास रहने दो
यही तो अन्दाज़ है
जिन्दगी जीने का
न खुद रहो उदास
न दूसरों को रहने दो
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: कितनी नन्हीं सी,
परिभाषा है दोस्ती की ?

मैं शब्द, तुम अर्थ,
तुम बिन, मैं व्यर्थ..... !!

सुप्रभात.... 💛🍀💛🍀
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: कटा इस कदर एक बेजुबान
ऑर खून सारा नाली में बह गया........
पत्थर दिल था कोई
जो बहते खून को देखकर भी
ईद मुबारक कह गया...😟

कहीं पानी बहाना भी गुनाह सा हो जाता है ,
कहीं खून भी बहाने पर मुबारकबाद देते हैँ ..

जो कत्ल करे गाय और भैस उसका मुक्कमल ईमान हो गया,
हिन्दू पानी और पटाखों से ही बदनाम
हो गया !!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: 🎋Import & Export🎋

टीचर: आयात और निर्यात का एक अच्छा सा उदाहरण बताओ???

बच्चा- सोनिया और सानिया
😜😜😜😜😜😜😁
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: हरिवंशराय बच्चनजी की सुन्दर कविता---

अगर बिकी तेरी दोस्ती...
तो पहले ख़रीददार हम होंगे..!
तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत ..
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे..!!
दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है..
दोस्त ना हो तो महफिल भी समशान है!

सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त,
वरना जनाजा और बारात एक ही समान है !! ....

सारे दोस्तो को सर्मप्रित... 😊
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: श्री कृष्णा ने बहुत बड़ी बात कही है,
ना जीत चाहिए,
ना हार चाहिए,
जीवन की सफलता के लिए केवल कुछ
*मित्र और परिवार*
चाहिए.
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: वर्तमान परिस्थिति में शिक्षक......


"शिक्षक की पीडा"

स्त्तब्ध हूँ हैरान हू
बिल्कुल ही मौन हूँ
कौई मुझे बताऐ
आखिर मैं कौन हूँ
न काम का पता है
और न नाम का पता
करना है क्या मुझे नहीं
इसका भी है पता
कल क्या नया फरमान हो
मै भी न जानता हूँ
जिस दिन जो कहा जाए
मै उसको मानता हूँ
खुद जानता नहीं मै
आधा या पौन हूँ
कौई मुझे बताए
आखिर मै कौन हूँ
मध्यान्ह की व्यवस्था
मुझको ही देखना है
गलती है किसी और की
मुझको ही भोगना है
स्व सहायता समूह की
ये कैसी भागीदारी
भोजन में जोंक निकले
मेरी ही जिम्मेदारी
शिक्षक हूँ या रसोइया
न जाने कौन हूँ
कौई मुझे बताऐ
आखिर मैं कौन हूँ
समग्र स्वच्छता में
मैं ही हूं जिम्मेदार
गंदा न हो शौचालय
ये भी है मुझ पे भार
कक्षा में बाट जोहते
मेरे देश के नौनिहाल
हे राष्ट्र के निर्माता
कर दो मेरा उद्धार
आदमी हूँ में या
जिन्नों का क्लोन हूं
कौई मुझे बताऐ
आखिर मैं कौन हूँ
सम्मान था आभिमान था
शिक्षा ही काम था
आदर सभी से मिलता था
शिक्षक ही नाम था
हर पल नई खबर है
नई जानकारिया
अब लाइलाज हो गई
मेरी बीमारियां
शिक्षक तो अब रहा नहीं
मैं टेलीफोन हूँ
कौई मुझे बताऐ
आखिर मैं कौन हूँ
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: जो लोग आपसे ईर्ष्या करते हैं,
उनसे कभी घृणा मत करें ।।
क्योंकि यही तो वो लोग हैं,
जो आपको एहसास दिलाते हैं कि आप उनसे बेहतर हैं ।।

।। सुप्रभात ।।
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: સંબંધો ના રોટલા આમજ નથી શેકાતા
સાહેબ,
સ્નેહના બળતણની સાથે એમાં
લાગણીઓની આગ બાળવી પડે.!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: ચહેરા પર થી માપો નહીં અંતર ની હાલત,
સરનામું ક્યાં બતાવે છે ઘર ની હાલત..!
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: पैसेदार लोग आधे पैसे तो उस दिखावे पर खर्च करते हैं कि वो पैसेदार है.💰💵
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: તમારી ગેંરહાજરી માં જે તમારી કાપે છે.
એ જ તમારી હાજરીમાં તમારાથી કાંપે છે.
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: अेक तरफ नसीब खीले छे ने बीजी तरफ करमाय छे।
आम बधु मलीजाय ने आम बधु छीनवाय छे।

कंइक मंजिल जीवनमां मले ने घनुं बधुं खोवाय छे।
आम तो जीदगी अेकधारी वहे पन घनीवार थोभे छे।

आम तो निश्फलता घनी मली पन अेक सफलता मले छे।
घना अपनावे छे ने मोटाभागना छोडी जाय छे।

आम पाछुं कोक समजावी जाय छे।
अेक बाजुं भूतकाल छे ने बीजीबाजु वतॅमान छे।

हाय रे! हवे शुं थासे रे?-

अेक बाजुं मन छे ने बीजी बाजुं ह्रदय छे।
by:- pagli(Vidhi)
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: મિત્રતાનું ક્ષેત્રફળ માપવાનું સમીકરણ અલગ પણ હોઈ શકે,
લંબાઈ અને પહોળાઈ માપવામાં,
ઉંડાઈ વિસરાઈ ન જાય,
એ બહુ જરૂરી છે,... !
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: ભાવ ખાવાનો સ્વભાવ
રાખવા કરતા
ભાવ ભરેલો સ્વભાવ
રાખતા શીખો
ખૂબ ખુશ રહેશો.

આંખો બંધ થાય
તે પહેલા "ઉઘડી" જાય

તો આખો જન્મારો સુધરી જાય.

મૈત્રી હોય ત્યાં કરાર ન હોય..
કરાર હોય ત્યાં યાર ન હોય..

આંખો બોલે ને મન સાંભળે..
ત્યા લખાણના વ્યવહાર ન હોય..!

🌞🌺🌺🌞
[25/09 4:14 pm] Ramde Dangar: લાગણી કેટલી?
વેઢા જેટલી
વેત નમો
સૌને ગમો ,
કારણ એક કે અનેક
બનો
માત્ર નેક,
જીવન જીવો એવું
ખાલી
ખિસ્સા માં રાખો બેંક
નહિ સિક્કા ,નહિ નોટ
હાથમાં રાખવો
કોરો ચેક.

કવિ જલરૂપ
મોરબી
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: 👌Super line..

मुश्किलें केवल बहतरीन लोगों 
के हिस्से में ही आती हैं...!!
क्यूंकि वो लोग ही उसे बेहतरीन 
तरीके से अंजाम देने की ताकत
रखते हैं..!!

"रख हौंसला वो मंज़र भी आयेगा;
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा..!
थक कर ना बैठ ए मंजिल के
मुसाफ़िर;
मंजिल भी मिलेगी और
जीने का मजा भी आयेगा...!!"
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: કોઇ આવી ને સહેજ અમસ્તુ "હસી" ગયુ...
એ પછી..
હૃદય...
એની મૂળ-જગ્યા થી જરાક "ખસી" ગયુ...
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: એક એવું આપણું સગપણ છે, લાગણી નામે તરસતું રણ છે...
સાચવીને એટલે રાખી મૂક્યું, જિંદગીનું આ રેશમી પ્રકરણ છે ....
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: કહે છે મૂળિયા ભોમાં ઘણાયે હોય છે ઊંડા ગમે તે હોય કારણ , કયાં હવે પરખાય છે ચહેરા ? રાજેશ વ્યાસ
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: શબ્દો મારાં સાંભળી
વાહ વાહ તો સૌ કરે...

પણ મૌન મારું સાંભળે,
કાશ એવું એક જણ મળે..!!
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: કદાચ જો સાસરે જતી દીકરીના હૃદયનો એક્સ-રે કાઢી શકાતો હોત તો એક્સ-રે મશીનના પણ આંસુ નીકળી જાય....
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: જીવાડે પ્રેમ થી એવું ક્યાં
કોઈ મળે છે બેફામ
મતલબ હોય તો લોકો
મરવા પણ નથી દેતા
- બેફામ
💚💕
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: પંખી ઓ રોજ ભેગી કરે છે સળી,
બનાવે છે માળો...

માણસો રોજ કરે છે સળી,
કોક નો પીંખે છે માળો ...
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: उम्मीद वक्त का सब से बड़ा सहारा है,
गर हौसला है तो हर मौज में किनारा है।
[28/09 9:57 pm] Ramde Dangar: बचपन में जब धागों के बीच माचिस को फसाकर फोन-फोन खेलते थे,
तो मालूम नहीं था एक दिन इस फोन में ज़िंदगी सिमटती चली जायेगी।

Sunday, September 27, 2015

Jindgi

💙💕
અઢી અક્ષરનો પ્રેમ
બત્રીસ કોઠે દીવા પ્રગટાવે...
પણ અઢી અક્ષરનો વ્હેમ
સૂરજને પણ ઠારી નાખે..🍂
💙💕

છાંયડાની ખોજમાં
આ જિંદગી કાઢી નાખી..
રોજ નમતી ડાળને
કારણ વિના વાઢી નાખી..!🍂

કોઈની લાગણી કે આત્મા દુભાવતા પહેલા
એક વાત યાદ રાખજો,
કરેલા કર્મોના ફળ
ભોગવ્યા વગર ભગવાન પણ જીવ નથી લેતા !!
💙💕

રૂપથી અંજાયો નથી,
સ્નેહ થી ભીંજાયો છું…
તું ક્હે પીછો છોડ,
કેમ કહું પડછાયો છું..🍂

પથ્થરો પોલા હશે
કોને ખબર ..??
લોકો પણ કેવા હશે
કોને ખબર ..?
મૃત્યુ સત્ય બની આવી જશે
લોકો તો રડશે ..
પણ આંસુ કોના સાચા હશે કોને ખબર.🙏

જીવાડે પ્રેમ થી એવું ક્યાં
કોઈ મળે છે બેફામ
મતલબ હોય તો લોકો
મરવા પણ નથી દેતા
- બેફામ
💚💕

નકી એના ચણતર માં
આંશુ રેડાયા હશે ....

બાકી હરખ નું મકાન
આટલું પાકું નાં હોય ...🍂
💜💕

કડવી ગોળીને
ગળવાની હોય
ચગળવાની ન હોય,
વેદનાને તો
વીસરવાની હોય
વાગોળવાની ન હોય..!🍂
💜💕

કહી દો મોતને કે
ધાકમાં લેવાનું રહેવા દે,
હું એનાથીય અઘરી
જિંદગી જીવી રહ્યો છું...🍂
💙💕

શબ્દોના તીર ચાલતા હોઈ
અને તે લાગી જાય તો સમજવું અભિમાન ની હાજરી છે...🍂

" પાસબુક અને શ્વાસબુક -
બંને ખાલી થાય ત્યારે
ભરવી પડે છે.
પાસબુકને બેલેન્સથી
અને શ્વાસબુકને સત્કર્મોથી.

Monday, September 21, 2015

કંઇક જાણવા મળ્યું ?

〰〰〰〰〰〰〰
■ કંઇક જાણવા મળ્યું ?
〰〰〰〰〰〰〰
૧. દરરોજ ૧૦ થી ૩૦ મિનિટ ચાલવા જાઓ અને હા, ચાલતી વખતે ચહેરા પર હળવું સ્મિત હોય તો ઉત્તમ!

૨. દરરોજ ઓછામાં ઓછી ૧૦-30 મિનિટ માટે
એકાંતમાં બેસો.

૩. દરરોજ ૭ કલાક ઊંધો.

૪. જોશ, ઉત્સાહ અને કરૂણા આ ત્રણ
મહત્વના ગુણો છે જીવનમાં.

૫. નવી રમતો શિખો/રમો..

૬. ગયા વર્ષે કરતાં આ વર્ષે વધારે પુસ્તકો વાંચો .

૭. ધ્યાન, યોગ અને પ્રાર્થના માટે સમય ફાળવો.

૮. ૭૦થી વધારે ઉંમરના અને ૭થી ઓછી ઉંમરના લોકો સાથે સમય ગાળો.
દરરોજ શક્ય ન હોય તો અઠવાડિએ.

૯. જાગતાં સપનાં જુઓ.

૧૦.. પ્લાન્ટ (ફેકટરી )માં બનતી વસ્તુઓ
કરતાં પ્લાન્ટ(છોડ)માં ઊગેલી વસ્તુઓને
ખોરાકમાં મહત્વનું સ્થાન આપો.

૧૧. પુષ્કળ પાણી પીઓ

૧૨. દરરોજ ઓછામાં ઓછા ત્રણ વ્યક્તિના ચહેરા પર સ્મિત લાવો.

૧૩. ચર્ચા/નિંદા/કુથલીમાં સમય ન બગાડો.

૧૪. ભૂતકાળ ભૂલી જાઓ. ખાસ કરીને પતિ/
પત્નીની ભૂલો. વર્તમાનકાળનો આનંદ લો.

૧૫. રાજાની જેમ સવારનો નાસ્તો કરો,
રાજકુમારની જેમ બપોરનું ભોજન લો અને
ભિખારી જેટલું રાત્રે જમો!

૧૬. દરેક દલીલની સામે જીતી શકવાના નથી,
મતભેદ સ્વિકારી લો.

૧૭. સરખામણી કરવાનું છોડો. ખાસ કરીને પતિ/
પત્નીની સરખામણી.

૧૮. તમારા સુખનું કારણ ફક્ત તમે છો.

૧૯. દરેકને (Unconditional) માફી બક્ષો.
ક્ષમા વીરસ્ય ભૂષણમ્

૨૦. બીજા લોકો તમારા માટે શું વિચારશે
એવા વિચાર છોડો.

૨૧. ભગવાન સૌનું ભલું કરશે.

૨૨. ગમે તેટલી સારી કે ખરાબ પરિસ્થિતિ હશે,
બદલાશે જરૂર.

૨૩. માંદા પડશો ત્યારે તમારો બૉસ નહીં પણ
તમારા મિત્રો તમારી સંભાળ રાખશે,માટે
મિત્રોના સંપર્કમાં રહો.

૨૪. નકામી, નઠારી અને જેમાંથી આનંદ ન મળે
તેવી વસ્તુઓથી દૂર રહો.

૨૫ . ઈર્ષા સમયનો બગાડ છે. તમને જોઈતું બધું તમારી પાસે છે.

૨૬. ઉત્તમ હજી આવવાનું બાકી છે.

૨૭. ગમે તેવો ખરાબ મૂડ હોય, ઊઠો, તૈયાર થાઓ અને બહાર આંટો મારી આવો.

૨૮. દરરોજ સવારે ઊઠીને ભગવાનનો આભાર માનો.

૨૯. આ જડીબુટ્ટીઓનું સેવન કરો અને
સગા વ્હાલાઓને પણ જણાવો.

30. નસીબથી મળી છે જીંદગી તો એને
જીવી જાણો.

૩૧. કારણ વગર નાં સવાલો પૂછો નહિ.

૩૨. બીજા નું માપ કાઢશો નહિ

૩૩. શંકાશીલ બનવા કરતા વિશ્વાસ રાખવા શીખો
〰〰〰〰〰〰〰

छोटी-छोटी कहानियाँ

🌻6 छोटी-छोटी कहानियाँ🌻
---:-:-:-:-:----
( 1 )

👳एक बार गाँव वालों ने यह निर्णय लिया कि बारिश ☔के लिए ईश्वर से प्रार्थना🙏 करेंगे , प्रार्थना के दिन सभी गाँव वाले एक जगह एकत्रित हुए , परन्तु एक बालक🙇 अपने साथ छाता 🌂भी लेकर आया ।
👇

🔔 इसे कहते हैं 🔔
🎄 आस्था🎄

🌾
( 2 )

👶जब आप एक बच्चे को हवा में उछालते हैं तो वह हँसता 😀 है , क्यों कि वह जानता है कि आप उसे पकड़ लेंगे ।
👇

🐾इसे कहते हैं🐾
✌ विश्वास✌

🌾
( 3 )

🌜प्रत्येक रात्रि को जब हम सोने के लिए जाते हैं तब इस बात की कोई गारण्टी नहीं है कि सुबह☀ तक हम जीवित रहेंगे भी कि नहीं , फिर भी हम घड़ी ⏰ में अलार्म लगाकर सोते हैं ।
👇
💡इसे कहते हैं 💡
🌞आशा(उम्मीद)🌞
-----------------

🌾
( 4 )

हमें भविष्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है फिर भी हम आने वाले कल के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाते हैं ।

👇
👉 इसे कहते हैं👈
💪 आत्मविश्वास💪
---------------------------------------
🌾
( 5 )
💞 हम देखरहे हैं कि दुनियाँ कठिनाइयों से जूझरही है फिर भी हम शादी 🎎 करते हैं ।
👇
🎵 इसे कहते हैं 🎵
💘 प्यार 💘
--------------------

🌾
( 6 )

👍 एक 60 साल की उम्र वाले व्यक्ति की शर्ट पर एक शानदार वाक्य लिखा था , "मेरी उम्र 60 साल नहीं है , मैं तो केवल मधुर - मधुर 16 साल का हूँ , 44 साल के अनुभव के साथ ।"

👇
👊 इसे कहते हैं 👊
👀 नज़रिया 👀
-------------


जीवन खूबसूरत है , इसे सर्वोत्तम के लिए जियो ।

Tuesday, September 1, 2015

नज़र रखो

नज़र रखो अपने ‘विचार’ पर,
क्योंकि वे ”शब्द” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर,
क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर,
क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर,
क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर,
क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ।

नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर,
क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ।

The Truth Of Life

Monday, August 31, 2015

The Truth of Life

बहुत ही खूबसूरत लाईनें..

किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!
डरिये वक़्त की मार से,
बुरा वक़्त किसीको बताकर नही आता..!
अकल कितनी भी तेज ह़ो,
नसीब के बिना नही जीत सकती..!
बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,
कभी बादशाह नही बन सका...!!"
"ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो, ना ही तुम अपने कंधे पर सर रखकर रो सकते हो ! एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है! इसलिये वक़्त उन्हें दो जो तुम्हे चाहते हों दिल से! रिश्ते पैसो के मोहताज़ नहीं होते क्योकि कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते पर जीवन अमीर जरूर बना देते है "
आपके पास मारुति हो या बीएमडब्ल्यू - सड़क वही रहेगी |

आप टाइटन पहने या रोलेक्स - समय वही रहेगा |

आपके पास मोबाइल एप्पल का हो या सेमसंग - आपको कॉल करने वाले लोग नहीं बदलेंगे |

आप इकॉनामी क्लास में सफर करें या बिज़नस में - आपका समय तो उतना ही लगेगा |

भव्य जीवन की लालसा रखने या जीने में कोई बुराई नहीं हैं, लेकिन सावधान रहे क्योंकि आवश्यकताएँ पूरी हो सकती है, तृष्णा नहीं | एक सत्य ये भी है कि धनवानो का आधा धन तो ये जताने में चला जाता है की वे भी धनवान हैं |
कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है....
पर रोटी की साईज़ लगभग सब घर में एक जैसी ही होती है।
:👌 शानदार बात👌

बदला लेने में क्या मजा है
मजा तो तब है जब तुम सामने वाले को बदल डालो..||

इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले...

‬: 'कर्मो' से ही पहेचान होती है इंसानो की...
महेंगे 'कपडे' तो,'पुतले' भी पहनते है दुकानों में !!..

Wednesday, August 19, 2015

પી.એચ.ડી

આપણે
પી.એચ.ડી થઈએ કે ન થઈએ
તે બહુ મહત્વનું નથી,
પરંતુ
આપણું જીવન એ કક્ષાનું હોવું જોઈએ કે

અન્યને
આપણા જીવન પર
પી.એચ.ડી કરવાની પ્રેરણા મળે….

જિંદગી

જિંદગી
એક ગરગડી પર વીંટાળેલા દોરા જેવી છે.
છેડો જેમ નજીક આવે
તેમ તેમ
વધારે ઝડપથી ભાગવા લાગે !

તણખલુ

તણખલુ ઊડીને આંખમાં પડે તો
ડુંગર પણ ઢંકાઈ જાય.
તણખલું એક પછી એક
સુગરીની ચાંચમાં ચઢે તો
કળાત્મક માળો રચાઈ જાય.
જીવન તણખલું બનીને ઊડે તો એ
ખુદ પરમાત્મા બની જાય.

આવડત તો છે

આવડત તો છે સૌ કોઇ માં કઈ કરવાની,
બસ નથી તો માત્ર ધીરજ, કોઈને કઈ કરતા જોવાની.

આવડત તો છે સૌ કોઈ માં કઈ લખવાની,
બસ નથી, તો માત્ર ધીરજ પૂર્વક એને વાંચવાની.

આવડત તો છે સૌ કોઇ માં ખુબ સારું બોલવાની
બસ નથી, તો માત્ર ધીરજ કોઇને બોલતા સાંભળવાની.

આવડત તો છે સૌ કોઇ માં ઉપદેશ આપવાની
બસ નથી, તો માત્ર ધીરજ હાર ને સ્વીકારવાની.

આવડત તો છે સૌ કોઇ માં પ્રભુ ને મળવાની
બસ નથી, તો માત્ર ધીરજ જાત ને જાણવાની.

આવડત તો છે સૌ કોઇ માં જિંદગી ને જીવવાની
બસ નથી, તો માત્ર ધીરજ મોત ને મોડી મળવાની.

અંકિત વ્યાસ
અમદાવાદ

Tuesday, August 11, 2015

स्वर्ग और नरक की परिभाषा

महाराज जनक के जीवन में कोई भूल हो गई थी। 
मरने पर उन्हें यमलोक जाना पड़ा। वहां उससे कहा गया- 
नरक चलो। महाराज जनक तो ब्रह्मज्ञानी थे। 
उन्हें क्या स्वर्ग, क्या नरक। 
वे प्रसन्नतापूर्वक चले गए। 
नरक में पहुंचे तो चारों ओर से पुकार आने लगी- 
'महाराज जनक जी! तनिक यहीं ठहर जाइए।'

महाराज जनक ने पूछा- 'यह कैसा शब्द है?' 

यमदूतों ने कहा-'नरक के प्राणी चिल्ला रहे हैं।' 

जनक ने पूछा-'क्या कह रहे हैं ये?' 

यमदूत बाले-'ये आपको रोकना चाहते हैं।' 

जनक ने आश्चर्य से पूछा-'ये मुझे यहां क्यों रोकना चाहते हैं?' 

यमदूत बोले- 'ये पापी प्राणी अपने-अपने पापों के अनुसार यहां दारुण यातना भोग रहे हैं। इन्हें बहुत पीड़ा थी। अब आपके शरीर को स्पर्श करके वायु इन तक पहुंची तो इनकी पीड़ा दूर हो गई। इन्हें इससे बड़ी शांति मिली।' 

जनक जी बोले-'हमारे यहां रहने से इन सबको शांति मिलती है, इनका कष्ट घटता है तो हम यहीं रहेंगे।'

तात्पर्य यह है कि भला मनुष्य नरक में पहुंचेगा तो नरक भी स्वर्ग हो जाएगा और बुरा मनुष्य स्वर्ग में पहुंच जाए तो स्वर्ग को भी नरक बना डालेगा। अतः देखना चाहिए कि हम अपने चित्त में नरक भरकर चलते हैं या स्वर्ग लेकर। जब हमें लगता है कि समस्त विश्व मेरी आत्मा में है, तब रोग-द्वेष, संघर्ष-हिंसा के लिए स्थान कहां रह जाता है? 

- स्वामी प्रेमानन्द पुरी पागल बाबा के प्रवचनों से

Saturday, August 8, 2015

‘वक्त’ बीत रहा है ,

🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
नंगे पाँव चलते “इन्सान” को लगता है
कि “चप्पल होते तो कितना अच्छा होता”
बाद मेँ……….
“साइकिल होती तो कितना अच्छा होता”
उसके बाद में………
“मोपेड होता तो थकान नही लगती”
बाद में………
“मोटर साइकिल होती तो बातो-बातो मेँ
रास्ता कट जाता”

फिर ऐसा लगा की………
“कार होती तो धूप नही लगती”
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
फिर लगा कि,
“हवाई जहाज होता तो इस ट्रैफिक का झंझट
नही होता”
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
जब हवाई जहाज में बैठकर नीचे हरे-भरे घास के मैदान
देखता है तो सोचता है,
कि “नंगे पाव घास में चलता तो दिल
को कितनी “तसल्ली” मिलती”…..
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
” जरुरत के मुताबिक “जिंदगी” जिओ – “ख्वाहिश”….. के
मुताबिक नहीं………
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
क्योंकि ‘जरुरत’
तो ‘फकीरों’ की भी ‘पूरी’ हो जाती है, और
‘ख्वाहिशें’….. ‘बादशाहों ‘ की भी “अधूरी” रह जाती है”…..
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
“जीत” किसके लिए, ‘हार’ किसके लिए
‘ज़िंदगी भर’ ये ‘तकरार’ किसके लिए…
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
जो भी ‘आया’ है वो ‘जायेगा’ एक दिन
फिर ये इतना “अहंकार” किसके लिए…
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
ए बुरे वक़्त !
ज़रा “अदब” से पेश आ !!
“वक़्त” ही कितना लगता है
“वक़्त” बदलने में………
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
मिली थी ‘जिन्दगी’ , किसी के
‘काम’ आने के लिए…..
पर ‘वक्त’ बीत रहा है , “कागज” के “टुकड़े” “कमाने” के लिए………
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀

Truth of life

'समय' न लगाओ तय करने में,
आप को करना क्या है.
वरना 'समय' तय कर लेगा कि,
आपका क्या करना है.. .
पैसा एक ही भाषा बोलता है,
अगर तुमने "आज" मुझे बचा लिया तो..
"कल" मै तुम्हे बचा लूंगा

"पैसा फिर कहता है,
भले मैं उपर साथ नहीं जाऊंगा पर
जब तक मै नीचे हूँ
तुझे बहुत उपर लेके जाऊंगा.."

Truth of life👌👍

Sent by OMKAR Group

Friday, August 7, 2015

“પારકી” શબ્દને ત્યજીને .......

“મમ્મી આ પિયર શું હોય? ” – સામેની બર્થ પર એક નાની માંજરી આંખોવાળી ઢીંગલી પૂછી રહી એની મમ્મીને..

“બેટા.. પિયર એટલે.... મમ્મીના પપ્પાનું ઘર!” – પોતાની લાડલીની ચોટી સરખી કરતા મમ્મીએ સરળ શબ્દોમાં જવાબ આપ્યો.

“પણ મમ્મી, નાનાજી તો ભગવાનદાદા પાસે જતા રહ્યા છે.. તો તારું પિયર ભગવાનદાદાનું ઘર એટલે કે ટેમ્પલ કેહવાય?”- આંખો પટ-પટાવતા સંપૂર્ણ નિર્દોષતાથી એ ઢીંગલી પૂછી રહી.

“નાં બેટા, તારા મામાનું ઘર છે ને, એ પહેલા નાનાજીનું ઘર હતું- એટલે એ મમ્મીનું પિયર કહેવાય.”- ફરી શક્ય એટલા ઓછા શબ્દોમાં મમ્મીએ જવાબ આપ્યો, જવાબમાં જેટલા વધુ શબ્દો એટલા જ વધુ પ્રશ્નો -એ સમઝીને જ તો!

“મમ્મી, આપણે દર વેકેશનમાં મામાનાં ઘેર જઈએ ત્યારે તું કેટલી જુદી હોય. સવારે નિરાંતે ઉઠે. બધું કામ કરતા-કરતા મસ્ત મઝાના ગીતો ગાતી જાય, બપોરે મામા પાસે પિક્ચરની સીડી મંગાવીને પિક્ચર જુવે, સાંજે કામ કરતા કરતા અમને કેટલી સ્ટોરીઝ કરે.. મામાના કબાટમાંથી શોધી શોધીને બુક્સ કાઢીને રાતે જાગી જાગીને વાંચે... મને બૌ ગમે જયારે તું આ બધું કરે.. તું એકદમ ખુશ અને બ્યુટીફૂલ લાગે મમ્મી.”- માંડ નવ-દસ વર્ષની ટબુડી એ વાત જોઈ ગઈ જે કદાચ આપણો પુખ્ત સમાજ જોઈ કે સમઝી નથી શકતો...

“બેટા હું મામાનાં ઘેર કે દાદાના ઘેર, બધે જ ખુશ જ હોઉં છું... ”- દીકરીના અણધાર્યા લાગણીભીના શબ્દો મમ્મીને નિશબ્દ કરી ગયા.

“હા મમ્મી , તું આમ તો ખુશ જ હોય છે પણ... દાદા નાં ઘેર તું ક્યાંક ખોવાઈ જાય છે. આખો દિવસ મારા, પપ્પા કે દાદા-દાદી માટે આમ તેમ દોડ્યા જ કરે છે.. તું ખુશ હોય છે ખરી પણ એવી “જુદી ખુશ” નહિ જેવી તું મામાના ઘેર હોય છે ... એવું કેમ હોય મમ્મી?” – નાની ઢીંગલીના સવાલનો મમ્મી પાસે કોઈ જવાબ નાં હતો.. દીકરીને છાતીસરસી ચાંપીને મમ્મી હસી રહી, પોતે ખુશ છે એ બતાવવા...

આવો...............................આપણા કુટુંબની સ્ત્રીઓ -માત્ર વેકેશનની થોડી ક્ષણો નહિ, આખી જીન્દગી દિલથી જીવી અને માણી શકે એવા સમાજનું ઘડતર કરીએ.....આરામ કરવા, શ્વાસ લેવા, હળવા થવા કે પછી મન ભરીને પોતાના શોખ પુરા કરવા પિયર જવાની રાહ નાં જોવી પડે- એવા “ઘર” આપીએ દરેક સ્ત્રીને!

પિતા, પતિ કે પુત્રની મરજી અને અસ્તિત્વથી અલગ પોતાનું નોખું અસ્તિત્વ વિકસાવી અને જીવી શકે એવી આબોહવા અને વાતાવરણ આપીએ.. આપણા જીવનની દરેક સ્ત્રીને!

આવો – “પારકી” શબ્દને ત્યજીને - “પોતાનાપણા”-ની સલામતી, હુંફ અને લાગણી આપીએ આપણી માં, પત્ની, બહેન અને દીકરીને..!

હેં, હરિ, સાવ માણસ જેવું કરવાનું?

🌹દઈ વચન પછી નઈ અવતરવાનું?
હેં, હરિ, સાવ માણસ જેવું કરવાનું?

લીલાની વાતો ને ચમત્કારની આશમાં
આમ રોજ ઉઠીને અમારે કરગરવાનું?

ગીતાનું જ્ઞાન બધું પોથી માં રાખી ને
તારું કીધું સાચું માની રોજ રટવાનું?

નથી કોઈ પ્રમાણ, ગોવર્ધન ઉપડ્યાનું
જે આવી પડે તે બધું અમારે સહેવાનું?

ના કોઈ પ્રમાણ, કે ના કોઈ ઠેકાણું
તોય સર્વવ્યાપ્ત છે એવું અમારે કહેવાનું?

સૌ શૃંગાર ને છપ્પનભોગ ધરીએ તોય
શિખરની ધજાની જેમ રોજ ફફડવાનું?

મળી નવરાશ તો લખી બે લીટી ફરિયાદની
જવાબ મળશે માની, આમજ ભટકવાનું?

દઈ વચન પછી નઈ અવતરવાનું?

હેં, હરિ, સાવ માણસ જેવું કરવાનું?🌸🌸

Thursday, August 6, 2015

वैज्ञानिक कारण हैं..

वैज्ञानिक कारण हैं..

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं....


एक दिन डिस्कवरी पर जेनेटिक
बीमारियों से सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम
देख रहा था ... उस प्रोग्राम में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो है "सेपरेशन ऑफ़
जींस".. मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नही करना चाहिए ..क्योकि नजदीकी
रिश्तेदारों में जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता और जींस लिंकेज्ड
बीमारियाँ जैसे हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और
एल्बोनिज्म होने की १००% चांस होती है ..
फिर मुझे
बहुत ख़ुशी हुई जब उसी कार्यक्रम में ये
दिखाया गया की आखिर हिन्दूधर्म में
हजारों सालों पहले जींस और डीएनए के बारे में
कैसे
लिखा गया है ? हिंदुत्व में कुल सात गोत्र होते
है
और एक गोत्र के लोग आपस में शादी नही कर
सकते
ताकि जींस सेपरेट (विभाजित) रहे.. उस वैज्ञानिक ने
कहा की आज पूरे विश्व
को मानना पड़ेगा की हिन्दूधर्म ही विश्व का
एकमात्र
ऐसा धर्म है जो "विज्ञान पर आधारित" है !
हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क:

1- कान छिदवाने की परम्परा:

भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।

2-: माथे पर कुमकुम/तिलक

महिलाएं एवं पुरुष माथे पर कुमकुम या तिलक लगाते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आंखों के बीच में माथे तक एक नस जाती है। कुमकुम या तिलक लगाने से उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है, तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है। इससे चेहरे की कोश‍िकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता

3- : जमीन पर बैठकर भोजन

भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है।
वैज्ञानिक तर्क- पलती मारकर बैठना एक प्रकार का योग आसन है। इस पोजीशन में बैठने से मस्त‍िष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है, कि वह भोजन के लिये तैयार हो जाये।

4- : हाथ जोड़कर नमस्ते करना

जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जब सभी उंगलियों के शीर्ष एक दूसरे के संपर्क में आते हैं और उन पर दबाव पड़ता है। एक्यूप्रेशर के कारण उसका सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है, ताकि सामने वाले व्यक्त‍ि को हम लंबे समय तक याद रख सकें। दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने (पश्च‍िमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते हैं तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते। अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।

5-: भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से

जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क- तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं। इससे पाचन तंत्र ठीक तरह से संचालित होता है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है। इससे पेट में जलन नहीं होती है।

6-: पीपल की पूजा
तमाम लोग सोचते हैं कि पीपल की पूजा करने से भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- इसकी पूजा इसलिये की जाती है, ताकि इस पेड़ के प्रति लोगों का सम्मान बढ़े और उसे काटें नहीं। पीपल एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन प्रवाहित करता ह

7-: दक्ष‍िण की तरफ सिर करके सोना

दक्ष‍िण की तरफ कोई पैर करके सोता है, तो लोग कहते हैं कि बुरे सपने आयेंगे, भूत प्रेत का साया आ जायेगा, आदि। इसलिये उत्तर की ओर पैर करके सोयें।
वैज्ञानिक तर्क- जब हम उत्तर की ओर सिर करके सोते हैं, तब हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है। शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा दिमाग की ओर संचारित होने लगता है। इससे अलजाइमर, परकिंसन, या दिमाग संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है।

8-सूर्य नमस्कार
हिंदुओं में सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए नमस्कार करने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क- पानी के बीच से आने वाली सूर्य की किरणें जब आंखों में पहुंचती हैं, तब हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है।

9-सिर पर चोटी

हिंदू धर्म में ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे। आज भी लोग रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है उस जगह पर दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं। इससे दिमाग स्थ‍िर रहता है और इंसान को क्रोध नहीं आता, सोचने की क्षमता बढ़ती है।

10-व्रत रखना

कोई भी पूजा-पाठ या त्योहार होता है, तो लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आयुर्वेद के अनुसार व्रत करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और फलाहार लेने से शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है, यानी उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से कैंसर का खतरा कम होता है। हृदय संबंधी रोगों, मधुमेह, आदि रोग भी जल्दी नहीं लगते।

11-चरण स्पर्श करना

हिंदू मान्यता के अनुसार जब भी आप किसी बड़े से मिलें, तो उसके चरण स्पर्श करें। यह हम बच्चों को भी सिखाते हैं, ताकि वे बड़ों का आदर करें।
वैज्ञानिक तर्क- मस्त‍िष्क से निकलने वाली ऊर्जा हाथों और सामने वाले पैरों से होते हुए एक चक्र पूरा करती है। इसे कॉसमिक एनर्जी का प्रवाह कहते हैं। इसमें दो प्रकार से ऊर्जा का प्रवाह होता है, या तो बड़े के पैरों से होते हुए छोटे के हाथों तक या फिर छोटे के हाथों से बड़ों के पैरों तक।

12-क्यों लगाया जाता है सिंदूर

शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर लगाती हैं।
वैज्ञानिक तर्क- सिंदूर में हल्दी, चूना और मरकरी होता है। यह मिश्रण शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करता है। चूंकि इससे यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं, इसीलिये विधवा औरतों के लिये सिंदूर लगाना वर्जित है। इससे स्ट्रेस कम होता है।

13- तुलसी के पेड़ की पूजा
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍ि आती है। सुख शांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक तर्क- तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। लिहाजा अगर घर में पेड़ होगा, तो इसकी पत्त‍ियों का इस्तेमाल भी होगा और उससे बीमारियां दूर होती हैं।

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THE TRUTH OF LIFE

एक राजा का दरबार लगा हुआ था। क्योंकि सर्दी का दिन था, इसीलिये राजा का दरबार खुले में बैठा था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थीl महाराज ने सिंहासन के सामने एक टेबल जैसी कोई कीमती चीज रखी थी। पंडित लोग दीवान आदि सभी दरबार में बैठे थे ।
राजा के परिवार के सदस्य भी बैठे थे।
🚶🏃उसी समय एक व्यक्ति आया और प्रवेश माँगा। प्रवेश मिल गया तो उसने कहा, मेरे पास दो वस्तुएँ हैं, मै हर राज्य के राजा के पास जाता हूँ और अपनी बात रखता हूँ, कोई परख नही पाता, सब हार जाते है और मैं विजेता बनकर घूम रहा हूँ ।
अब आपके नगर मे आया हूँ।
राजा ने बुलाया और कहा, क्या बात है ?
तो उसने दोनों वस्तुयें टेबल पर रख दीं। बिल्कुल समान आकार समान रुप रंग, समान प्रकाश, सब कुछ नख शिख समान। राजा ने कहा, ये दोनों वस्तुएँ एक हैं, तो उस व्यक्ति ने कहा, हाँ दिखाई तो एक सी देती है लेकिन हैं भिन्न। इनमें से एक है बहुत कीमती हीरा और एक है काँच का टुकडा, लेकिन रूप रंग सब एक है। कोई आज तक परख नही पाया कि कौन सा हीरा है और कौन सा काँच? कोई परख कर बताये कि ये हीरा है या काँच। अगर परख खरी निकली तो मैं हार जाऊँगा और यह कीमती हीरा मै आपके राज्य की तिजोरी में जमा करवा दूँगा, यदि कोई न पहचान पाया तो इस हीरे की जो कीमत है उतनी धनराशि आपको मुझे देनी होगी। इसी प्रकार मैं कई राज्यों से जीतता आया हूँ।
राजा ने कहा- मैं तो नहीं परख सकूंगा।
दीवान बोले- हम भी हिम्मत नही कर सकते, क्योंकि दोनो बिल्कुल समान है।
सब हारे, कोई हिम्मत नही जुटा पाया। हारने पर पैसे देने पडेंगे, इसका कोई सवाल नही क्योंकि राजा के पास बहुत धन है। राजा की प्रतिष्ठा गिर जायेगी, इसका सबको भय था।
कोई व्यक्ति पहचान नही पाया। आखिरकार पीछे थोडी हलचल हुई । एक अंधा आदमी हाथ मे लाठी लेकर उठा। उसने कहा, मुझे महाराज के पास ले चलो, मैंने सब बाते सुनी हैं और यह भी सुना कि कोई परख नहीं पा रहा है। एक अवसर मुझे भी दो। एक आदमी के सहारे वह राजा के पास पहुचा उसने राजा से प्रार्थना की- मैं तो जनम से अंधा हूँ फिर भी मुझे एक अवसर दिया जाये जिससे मैं भी एक बार अपनी बुद्धि को परखूँ और हो सकता है कि सफल भी हो जाऊँ और यदि सफल न भी हुआ तो वैसे भी आप तो हारे ही हैं।
राजा को लगा कि इसे अवसर देने मे क्या हर्ज है। राजा ने कहा- ठीक है। तो उस अंधे आदमी को दोनों चीजें छुआ दी गयी और पूछा गया इसमे कौन सा हीरा है और कौन सा काँच? यही परखना है।
कथा कहती है कि उस आदमी ने एक मिनट मे कह दिया कि यह हीरा है और यह काँच। जो आदमी इतने राज्यों को जीतकर आया था वह नतमस्तक हो गया और बोला सही है, आपने पहचान लिया धन्य हो आप। अपने वचन के मुताबिक यह हीरा मैं आपके राज्य की तिजोरी मे दे रहा हूँ। सब बहुत खुश हो गये और जो आदमी आया था वह भी बहुत प्रसन्न हुआ कि कम से कम कोई तो मिला परखने वाला। राजा और अन्य सभी लोगो ने उस अंधे व्यक्ति से एक ही जिज्ञासा जताई कि, 'तुमने यह कैसे पहचाना कि यह हीरा है और वह काँच?'
उस अंधे ने कहा- सीधी सी बात है मालिक, धूप में हम सब बैठे हैं, मैंने दोनो को छुआ। जो ठंडा रहा वह हीरा, जो गरम हो गया वह काँच।

जीवन में भी देखना जो बात बात में गरम हो जाये, उलझ जाये वह काँच और जो विपरीत परिस्थिति मे भी ठंडा रहे वह हीरा है..!💎💎jai shri ram! jai jai shri ram! !

Wednesday, August 5, 2015

કક્કો

ક – કહે છે કલેશ ન કરો
ખ – કહે છે ખરાબ ન કરો
ગ – કહે છે ગર્વ ન કરો
ઘ – કહે છે ઘમંડ ન કરો
ચ – કહે છે ચિંતા ન કરો
છ – કહે છે છળથી દૂર રહો
જ – કહે છે જવાબદારી નિભાવો
ઝ – કહે છે ઝઘડો ન કરો
ટ – કહે છે ટીકા ન કરો
ઠ – કહે છે ઠગાઇ ન કરો
ડ – કહે છે કયારેય ડરપોક ન બનો
ઢ – કહે છે કયારેય ‘ઢ’ ન બનો
ત– કહે છે બીજાને તુચ્છકારો નહીં
થ – કહે છે થાકો નહીં
દ – કહે છે દીલાવર બનો
ધ – કહે છે ધમાલ ન કરો
ન – કહે છે નમ્ર બનો
પ – કહે છે પ્રેમાળ બનો
ફ – કહે છે ફુલાઇ ન જાઓ
બ – કહે છે બગાડ ન કરો
ભ – કહે છે ભારરૂપ ન બનો
મ – કહે છે મધૂર બનો
ય – કહે છે યશસ્વી બનો
ર – કહે છે રાગ ન કરો
લ – કહે છે લોભી ન બનો
વ – કહે છે વેર ન રાખો
શ – કહે છે કોઇને શત્રુ ન માનો
સ – કહે છે હંમેશા સાચુ બોલો
ષ – કહે છે હંમેશા ષટ્કાયના જીવની રક્ષા કરો
હ – કહે છે હંમેશા હસતા રહો
ક્ષ – કહે છે ક્ષમા આપતા શીખો…! ♥♥
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Tuesday, August 4, 2015

खुद पर विश्वास

Nice Story

अमेरिका की बात हैं. एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा.

उसपर बहुत कर्ज चढ़ गया, तमाम जमीन जायदाद गिरवी रखना पड़ी . दोस्तों ने भी मुंह फेर लिया,

जाहिर हैं वह बहुत हताश था. कही से कोई राह नहीं सूझ रही थी.

आशा की कोई किरण दिखाई न देती थी.

एक दिन वह एक park में बैठा अपनी परिस्थितियो पर चिंता कर रहा था.

तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे. कपड़ो से और चेहरे से वे काफी अमीर लग रहे थे.

बुजुर्ग ने चिंता का कारण पूछा तो उसने अपनी सारी कहानी बता दी.

बुजुर्ग बोले -” चिंता मत करो. मेरा नाम John D. Rockefeller है.
मैं तुम्हे नहीं जानता,पर तुम मुझे सच्चे और ईमानदार लग रहे हो. इसलिए मैं तुम्हे दस लाख डॉलर का कर्ज देने को तैयार हूँ.”

फिर जेब से checkbook निकाल कर उन्होंने रकम दर्ज की और उस व्यक्ति को देते हुए बोले, “नौजवान, आज से ठीक एक साल बाद हम ठीक इसी जगह मिलेंगे. तब तुम मेरा कर्ज चुका देना.”

इतना कहकर वो चले गए.

युवक shocked था. Rockefeller
तब america के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक थे.

युवक को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था की उसकी लगभग सारी मुश्किल हल हो गयी.

उसके पैरो को पंख लग गये.

घर पहुंचकर वह अपने कर्जो का हिसाब लगाने लगा.

बीसवी सदी की शुरुआत में 10 लाख डॉलर बहुत बड़ी धनराशि होती थी और आज भी है.

अचानक उसके मन में ख्याल आया. उसने सोचा एक अपरिचित व्यक्ति ने मुझपे भरोसा किया, पर मैं खुद पर भरोसा नहीं कर रहा हूँ.

यह ख्याल आते ही उसने चेक को संभाल कर रख लिया.

उसने निश्चय कर लिया की पहले वह अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगा,
पूरी मेहनत करेगा की इस मुश्किल से
निकल जाए. उसके बाद भी अगर कोई चारा न बचे तो वो check use करेगा.

उस दिन के बाद युवक ने खुद को झोंक दिया.

बस एक ही धुन थी,

किसी तरह सारे कर्ज चुकाकर अपनी प्रतिष्ठा को फिर से पाना हैं.

उसकी कोशिशे रंग लाने लगी. कारोबार उबरने लगा, कर्ज चुकने लगा. साल भर बाद तो वो पहले से भी अच्छी स्तिथि में था.

निर्धारित दिन ठीक समय वह बगीचे में पहुँच गया.

वह चेक लेकर Rockefeller की राह देख रहा था

की वे दूर से आते दिखे.

जब वे पास पहुंचे तो युवक ने बड़ी श्रद्धा से उनका अभिवादन किया.

उनकी ओर चेक बढाकर उसने कुछ कहने के लिए मुंह खोल ही था की एक नर्स भागते हुए आई

और

झपट्टा मरकर वृद्ध को पकड़ लिया.

युवक हैरान रह गया.

नर्स बोली, “यह पागल बार बार पागलखाने से भाग जाता हैं

और

लोगो को जॉन डी . Rockefeller के रूप में check बाँटता फिरता हैं. ”

अब वह युवक पहले से भी ज्यादा हैरान रह गया.

जिस check के बल पर उसने अपना पूरा डूबता कारोबार फिर से खड़ा किया,वह

फर्जी था.

पर यह बात जरुर साबित हुई की वास्तविक जीत हमारे इरादे , हौंसले और प्रयास में ही होती हैं.I

हम सभी यदि खुद पर विश्वास रखे तो यक़ीनन

किसी भी असुविधा से, situation से निपट सकते है.


" हमेशा हँसते रहिये,
एक दिन ज़िंदगी भी
आपको परेशान
करते करते थक जाएगी ।"

Think Beyond Infinity.....


Very inspiring story...