Friday, November 6, 2015

The Truth of Life

નાનકડો એવો સેકન્ડ કાંટો
ધીમે ધીમે ચાલે છે
પરંતુ એ વષોૅના વષોૅ ફેરવી
નાખે છે
એ રીતે માનવ જીવનમાં
પણ જો નાનકડો એવો
સદગુણ કેળવાય,
સતત વિકસતો રહે તો એ
આખા જીવનને ફેરવી નાખે છે

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"હમણાં એક જગ્યા એ સરસ વાક્ય વાંચ્યું.

એકમુખી રુદ્રાક્ષ હજુ મળી જશે પણ એકમુખી માણસ મળવો અઘરો છે.."

"નીકળી ને પુષ્પ થી હવે અત્તર થવુ નથી !!
માણસ થવાય તોયે ઘણુ છે દોસ્ત,
ઈશ્વર થવુ નથી....!!!"

"હું વસ્તુ સૌથી મોંઘેરી ને જાજરમાન વહેંચું છું,
ઓલ્યા ઇમાન વેચે છે ને હું મુસ્કાન વહેંચું છું.”

"હૈયા ની હાટડી મા હેત વેચવા બેઠો છુ.
વગર દામે લઈ જાઓ હુ વહાલ વહેચવા બેઠો છુ"

"ના રાજ જોઈએ,
ના તાજ જોઈએ,
માણસ ને માણસ સાથે શોભે, એવો મિજાજ જોઈએ...."

"દરિયો ભલે ને માને કે પાણી અપાર છે, 
એને ખબર નથી કે નદીનું ઉધાર છે"...

"રોટલો કેમ રળવો તે નહિ પણ દરેક કોળિયાને મીઠો કેવી
રીતે બનાવવો તેનું નામ કેળવણી....."

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हा मै शिक्षक हू।।।

🔰🌹🔰🌹🔰🌹🔰🌹🔰🌹

🌷हा मै शिक्षक हू। -

हा मै शिक्षक हू।

उन डाक्टरो के पीछे ; मै था।

उन अर्थशास्त्रीयो के पीछे ; मै था

उन अंतरिक्ष विज्ञानियो के पीछे ; मै था।

ज्ञान का प्रकाश लेकर ।।;

भले ही वे मेरा मजाक उङाये।।

हा मै शिक्षक हू।।।।।


मेरे पास महंगा घर नही है ;

पर हा मै शिक्षक हू।।।।

कभी कभी मै उलझ जाता हू

मेरे अधिकारी और राजनेताओ की बदलती नीतियो मे।

जो बताते है कि मुझे कैसे पढाना है ।।।

पर फिर भी मै शिक्षक हू और पढा रहा हू।।।


जिस दिन वेतन मिलता है मै औरो की तरह नही हँस पाता हू।

पर अगले दिन मुझे मुस्कुराके जाना होता है उनके लिये जिन्हे मै पढाता हू।।

क्योकि मै शिक्षक हू ।

हा मै शिक्षक हू।।


मेरे संतोष का कारण है जब मै देखता हू अपने छात्रो को आगे बढते हुए सफल होते हुए सब कुछ प्राप्त करते हुए दुनिया का मुकाबला करते हुए।।।

और मै कहता हू गुगल के जमाने मे भी मैने पढाया है ।।

हा मै शिक्षक हू।।।


कोई बात नही वो मुझे किस नजर से देखते है।

कोई बात नही वो मुझसे कितना ज्याद कमाते है।

कोई बात नही वो मेरी कितनी इज्जत करते है और मानते है।।

वो कारो मे घूमते है मै पैदल चलता हू क्योकि मै शिक्षक हू ।।

हा मै शिक्षक हू।।।


इसे सभी शिक्षको के सम्मान मे जन जन तक पहुंचाये
।।।।।।।।

🌷🌷🌷🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷

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આજે દિવાળી છે !

કોઈને જૂઓ અને
તમારી અંદર
રંગોલી પૂરાઈ જાય
ત્યારે સમજવું કે
આજે દિવાળી છે

સાવ સૂરસૂરિયા
જેવા અસ્તિત્વને
લઈને ફરતા હો અને
અચાનક કોઈનો ઉષ્ણ શ્વાસ
અડી જતામાં
તમે આખે આખા ફૂટી જાવ
ત્યારે સમજવું કે
આજે દિવાળી છે

વૃક્ષમાંથી લાકડું થઇને
બારણું બની ગયેલા
તમારા સમયને
કોઈની નજરનું લીલું તોરણ બંધાય
ત્યારે સમજવું કે
આજે દિવાળી છે !

સાવ કડવી વખ જેવી ઉદાસી
વાગોળતા વાગોળતા
તમે જૂના ડબ્બા ખોલતા હો
અને અચાનક કોઈની મીઠી યાદ
sweet નું સ્વરૂપ લઈને મળી આવે
ત્યારે સમજવું કે
આજે દિવાળી છે !

જમણો હાથ ડાબા હાથને પણ
ન કળી શકે એવા ગાઢ અંધારમાં
તમે બેઠા હો અને
તમારા સાવ અંદરના ઓરડે
આવીને કોઈ દીવડો જલાવી જાય
ત્યારે સમજવું કે
આજે દિવાળી છે !🌹🌹🌹

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Thursday, November 5, 2015

RTO Driving Licence

🚘 RTO Driving Licence 🚖

મિત્રો તમારા માંથી ઘણા મિત્રો ને ડ્રાઇવિંગ લાઇસન્સ કેમ કઢાવવું એની માહીતી નથી હોતી એટલા માટે તેઓ એજન્ટ રાખતા હોય છે મિત્રો તમને ખબર છે કે લાઇસન્સ કઢાવવા નો ખર્ચ માત્ર 300 ૱ છે.
એજન્ટ 1200-1500 રૂ. લઇ લેતા હોય છે.તો જે મિત્રો ને લાઇસન્સ કઢાવવાનું બાકી હોય તે બધા મિત્રો નીચે મુજબ આપેલા સ્ટેપપ્રમાણે ફોર્મ ભરીને પોતાની જાતે લાઇસન્સ કઢાવી શકે છે:
(1) www.sarthi.nic.in વેબ સાઇટ ખોલો.
(2) ત્યાર પછી Issue of a Learning Licence to me લિંક ઉપર ક્લિક કરો એટલે ફોર્મ ખુલશે.
(3) પુરે પુરુ ફોર્મ ભરાઇ જાઇ ત્યાર પછી સેવ ઓફ લાઇન બટન પર ક્લિક કરો. સેવ કરેલી પીડીએફ ખોલો પછી નીચે સબમિટ બટન પર ક્લિક કરો.
(5) નીચે મેસેજ આવી જશે તે APPLICATION NO. લખી લો.
(6) ત્યાર પછી Print Application Form લિંક ઉપર ક્લિક કરી ને ફોર્મ ની પ્રિન્ટ કાઢો.
(7) ત્યાર પછી Appointment for Slot booking લિંક ઉપર ક્લિક કરો પછી..
(8) LL SLOT BOOKING -> LL TEST FOR ONLINE APPLICATION
(9) APPLICATION NO. લખી ને જે દિવસે તમે ફ્રી હો તે દિવસ નો ટાઇમ બૂક કરી ને લેટર ની પ્રિન્ટ કાઢો.
(10) ત્યાર પછી જે દિવસ નો ટાઇમ ફિક્સ કર્યો તે દિવસે જે તે ટાઇમે ફોર્મ ની કોપી, લિવિંગ સર્ટિ, પાસપોર્ટ સાઇજ ના બે ફોટા, ટાઇમ બૂક કરેલો લેટર, રાશન કાર્ડ ની ઝેરોક્ષ, આધારકાર્ડ ની ઝેરોક્ષ, જે પુરાવા તમે લઇ જાવ તે બધા ORIGINAL સાથે લઇ જવા. RTO ની બાજુ માંથી ફોર્મ નં-2 લઇ લેજો. 2 ૱ નું આવશે.
(11) જો પાસ થાવ તો તમને લર્નિગ લાઇસન્સ આપી દેશે.
(12) જો ફેઇલ થાવ તો બીજા દિવસે પાછું જવાનું ૨૫ ૱ ભરીને પછી ફરી ટ્રાય દેવાનો.
(13) પાસ થાવ તો ૩૦ દિવસ પછી http://drivingtesttrack.in/ વેબ સાઇટ ખોલો APPOINMENT FOR SLOT BOOKING ઇમેજ પર ક્લિક કરો LL NO બરાબર નાખજો GJ03 પછી એક સ્પેસ હોય છે.
(14) L L NO નાખો પછી BIRTH DATE પછી બટન પર ક્લિક કરો અને ટાઇમ ફિક્સ કરો પરીક્ષા નો અને તે દિવસે જવાનું એક કલાક વેલા જજો નકર વારો બોવ મોડો આવશે.
(15) સાથે ફી ભર્યા ની બધી પહોંચ અને લર્નિંગ લાઇસન્સ અને RTO ની બાજુ માંથી ફોર્મ નં-4 લઇ લેજો ૨ ૱ નું આવશે.
(16) જો પાસ થાવ તો લાઇસન્સ ઘરે આવી જશે.

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The Truth of Life

1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
बेकार मत समझना क्योक़ि
बंद पडी घडी भी दिन में
दो बार सही समय बताती है
🍁🍁
2. किसी की बुराई तलाश करने
वाले इंसान की मिसाल उस
मक्खी की तरह है जो सारे
खूबसूरत जिस्म को छोडकर
केवल जख्म पर ही बैठती है
🍁🍁
3. टूट जाता है गरीबी मे
वो रिश्ता जो खास होता है
हजारो यार बनते है
जब पैसा पास होता है
🍁🍁
4. मुस्करा कर देखो तो
सारा जहाॅ रंगीन है
वर्ना भीगी पलको
से तो आईना भी
धुधंला नजर आता है
🍁🍁
5..जल्द मिलने वाली चीजे
ज्यादा दिन तक नही चलती
और जो चीजे ज्यादा
दिन तक चलती है
वो जल्दी नही मिलती
🍁🍁
6. बुरे दिनो का एक
अच्छा फायदा
अच्छे-अच्छे दोस्त
परखे जाते है
🍁🍁
7. बीमारी खरगोश की तरह
आती है और कछुए की तरह
जाती है
जबकि पैसा कछुए की तरह
आता है और.खरगोश की
तरह जाता है
🍁🍁
8. छोटी छोटी बातो मे
आनंद खोजना चाहिए
क्योकि बङी बङी तो
जीवन मे कुछ ही होती है
🍁🍁
9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
न मिले तो उससे नाराज
ना होना क्योकि ईश्वर
वह नही देता जो आपको
अच्छा लगता है बल्कि
वह देता है जो आपके लिए
अच्छा होता है
🍁🍁
10. लगातार हो रही
असफलताओ से निराश
नही होना चाहिए क्योक़ि
कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
चाबी भी ताला खोल देती है
🍁🍁
11. ये सोच है हम इसांनो की
कि एक अकेला
क्या कर सकता है
पर देख जरा उस सूरज को
वो अकेला ही तो चमकता है
🍁🍁
12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
उन्हे तोङना मत क्योकि
पानी चाहे कितना भी गंदा हो
अगर प्यास नही बुझा सकता
वो आग तो बुझा सकता है
🍁🍁
13. अब वफा की उम्मीद भी
किस से करे भला
मिटटी के बने लोग
कागजो मे बिक जाते है
🍁🍁
14. इंसान की तरह बोलना
न आये तो जानवर की तरह
मौन रहना अच्छा है
🍁🍁
15. जब हम बोलना
नही जानते थे तो
हमारे बोले बिना'माँ'
हमारी बातो को समझ जाती थी
और आज हम हर बात पर
कहते है छोङो भी 'माँ'
आप नही समझोगी
🍁🍁
16. शुक्र गुजार हूँ
उन तमाम लोगो का
जिन्होने बुरे वक्त मे
मेरा साथ छोङ दिया
क्योकि उन्हे भरोसा था
कि मै मुसीबतो से
अकेले ही निपट सकता हूँ
🍁🍁
17. शर्म की अमीरी से
इज्जत की गरीबी अच्छी है
🍁🍁
18. जिदंगी मे उतार चङाव
का आना बहुत जरुरी है
क्योकि ECG मे सीधी लाईन
का मतलब मौत ही होता है
🍁🍁
19. रिश्ते आजकल रोटी
की तरह हो गए है
जरा सी आंच तेज क्या हुई
जल भुनकर खाक हो जाते
🍁🍁
20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
तलाश मत करो
खुद अच्छे बन जाओ
आपसे मिलकर शायद
किसी की तालाश पूरी हो

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हिंदू परम्पराओं

: ✅
एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं..
================
वैज्ञानिक कारण..!
===========


एक दिन डिस्कवरी पर
जेनेटिक बीमारियों से
सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम था

उस प्रोग्राम में

एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की
जेनेटिक बीमारी न हो
=============
इसका एक ही इलाज है
==============
और वो है
"सेपरेशन ऑफ़ जींस"
=============
मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में
विवाह नही करना चाहिए
क्योकि
नजदीकी रिश्तेदारों में
जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता
और
जींस लिंकेज्ड बीमारियाँ जैसे
हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और
एल्बोनिज्म होने की
100% चांस होती है ..

फिर बहुत ख़ुशी हुई
जब उसी कार्यक्रम में
ये दिखाया गया की
आखिर
"हिन्दूधर्म" में

हजारों-हजारों सालों पहले
*
जींस और डीएनए के बारे में

कैसे लिखा गया है ?

हिंदुत्व में गोत्र होते है
*
और
एक गोत्र के लोग
आपस में शादी नही कर सकते
ताकि
जींस सेपरेट (विभाजित) रहे..

उस वैज्ञानिक ने कहा की
===============
आज पूरे विश्व को मानना पड़ेगा की

"हिन्दूधर्म ही"
*
विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जो
*
"विज्ञान पर आधारित" है !


हिंदू परम्पराओं से जुड़े
%%%%%%%%%
ये वैज्ञानिक तर्क:
%%%%%%%
1-
कान छिदवाने की परम्परा:
*
भारत में लगभग सभी धर्मों में
कान छिदवाने की
परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि
इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है।
जबकि
डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली
अच्छी होती है और
कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का
रक्त संचार नियंत्रित रहता है।

2-
माथे पर कुमकुम/तिलक
%%%%%%%%%%
महिलाएं एवं पुरुष माथे पर
कुमकुम या तिलक लगाते हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
आंखों के बीच में
माथे तक एक नस जाती है।
कुमकुम या तिलक लगाने से
उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है।
माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है,
तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है।
इससे चेहरे की कोश‍िकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता

3-
जमीन पर बैठकर भोजन
%%%%%%%%%%
भारतीय संस्कृति के अनुसार
जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
पलती मारकर बैठना

एक प्रकार का योग आसन है।

इस पोजीशन में बैठने से

मस्त‍िष्क शांत रहता है और
भोजन करते वक्त
अगर दिमाग शांत हो तो
पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही
खुद-ब-खुद दिमाग से 1 सिगनल
पेट तक जाता है, कि
वह भोजन के लिये तैयार हो जाये

4-
हाथ जोड़कर नमस्ते करना
%%%%%%%%%%%

जब किसी से मिलते हैं तो
हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जब सभी उंगलियों के शीर्ष
एक दूसरे के संपर्क में आते हैं
और उन पर दबाव पड़ता है।
एक्यूप्रेशर के कारण उसका
सीधा असर
हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है,
ताकि सामने वाले व्यक्त‍ि को हम लंबे समय तक याद रख सकें।
दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने (पश्च‍िमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते हैं
तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते।
अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।

5-
भोजन की शुरुआत तीखे से और
%%%%%%%%%%%%
अंत मीठे से
%%%%%
जब भी कोई धार्मिक या
पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो
भोजन की शुरुआत तीखे से और
अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
तीखा खाने से
हमारे पेट के अंदर
पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं
इससे
पाचन तंत्र ठीक से संचालित होता है
अंत में
मीठा खाने से
अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है
इससे पेट में जलन नहीं होती है

6-
पीपल की पूजा
%%%%%%
तमाम लोग सोचते हैं कि
पीपल की पूजा करने से
भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
इसकी पूजा इसलिये की जाती है,
ताकि
इस पेड़ के प्रति लोगों का सम्मान बढ़े
और
उसे काटें नहीं
पीपल एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो
रात में भी ऑक्सीजन प्रवाहित करता है

7-
दक्ष‍िण की तरफ सिर करके सोना
%%%%%%%%%%%%%
दक्ष‍िण की तरफ कोई पैर करके सोता है
तो लोग कहते हैं कि
बुरे सपने आयेंगे
भूत प्रेत का साया आयेगा,poorvajon ka esthaan,आदि
इसलिये
उत्तर की ओर पैर करके सोयें
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जब हम
उत्तर की ओर सिर करके सोते हैं,
तब
हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है।
शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा
दिमाग की ओर संचारित होने लगता है
इससे अलजाइमर,
परकिंसन, या दिमाग संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है
यही नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है

8-
सूर्य नमस्कार
%%%%%%
हिंदुओं में
सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते
नमस्कार करने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
पानी के बीच से आने वाली
सूर्य की किरणें जब
आंखों में पहुंचती हैं तब
हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है

9-
सिर पर चोटी
%%%%%%
हिंदू धर्म में
ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे
आज भी लोग रखते हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है
उस जगह पर
दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं
इससे दिमाग स्थ‍िर रहता है
और
इंसान को क्रोध नहीं आता
सोचने की क्षमता बढ़ती है।

10-
व्रत रखना
%%%%
कोई भी पूजा-पाठ, त्योहार होता है तो
लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
आयुर्वेद के अनुसार
व्रत करने से
पाचन क्रिया अच्छी होती है और
फलाहार लेने से
शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है
यानी
उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं
शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से
कैंसर का खतरा कम होता है
हृदय संबंधी रोगों,मधुमेह,आदि रोग भी
जल्दी नहीं लगते

11-
चरण स्पर्श करना
%%%%%%%
हिंदू मान्यता के अनुसार
जब भी आप किसी बड़े से मिलें तो
उसके चरण स्पर्श करें
यह हम बच्चों को भी सिखाते हैं
ताकि वे बड़ों का आदर करें
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
मस्त‍िष्क से निकलने वाली ऊर्जा
हाथों और सामने वाले पैरों से होते हुए
एक चक्र पूरा करती है
इसे
कॉसमिक एनर्जी का प्रवाह कहते हैं
इसमें दो प्रकार से ऊर्जा का प्रवाह होता है
या तो
बड़े के पैरों से होते हुए छोटे के हाथों तक
या फिर
छोटे के हाथों से बड़ों के पैरों तक

12-
क्यों लगाया जाता है सिंदूर
%%%%%%%%%%%
शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर लगाती हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
सिंदूर में
हल्दी,चूना और मरकरी होता है
यह मिश्रण
शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करता है
चूंकि
इससे यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं
इसीलिये
विधवा औरतों के लिये
सिंदूर लगाना वर्जित है
इससे स्ट्रेस कम होता है।

13-
तुलसी के पेड़ की पूजा
%%%%%%%%%
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍ि आती है
सुख शांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है
लिहाजा अगर घर में पेड़ होगा तो
इसकी पत्त‍ियों का इस्तेमाल भी होगा और
उससे बीमारियां दूर होती हैं।

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Wednesday, November 4, 2015

The Truth of Life

આછંદશ કાવ્ય

માણસને સંબોધન

જિંદગી એક મળે
તક એક મળે.
મળે રસ્તાઓ અનેક,
વ્હાલું વ્હાલું થવાનું
વ્હાલું વ્હાલું કેવાનું,
મજા મળે ના મળે તોયે
વ્હાલું વ્હાલું થઈને રેવાનું,
મંઝીલ માટે નઈ દોડવાનુ,
નેક રસ્તા પર ચાલવાનું
કાંટા, કાંકરાને પથ્થરોથી
જલરૂપ નહિ ગભરાવાનું.
જિંદગી એક મળે
તક એક મળે.
મળે રસ્તાઓ અનેક,

🐓🐓🐓🐓🐓

જન્મો જનમથી ,
ક્ષિતિજ ધારે .....
આતુરતા
રહે છે અંધકારને !
કે
ક્યારેક
હું
ભાસ્કરને મળું,
એક વાત કરું, મારા હૈયાની !
પણ દુઃખ એક વાતનું .....
જેવી સવારી આવશે ભાસ્કરની
કે
એજ ક્ષણે,
અંધકાર ને
ત્યાંથી
વિદાય લેવી પડે છે.....

કવિ જલરૂપ
મોરબી

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Friday, October 30, 2015

પરીક્ષા

રોજ પરીક્ષા ,રોજ પરીક્ષા , રોજ પરીક્ષા દઈએ ,
કાં તો સ્કુલમાં ,કાં ટયુશનમાં ,કાં ટેન્શનમાં રહીએ

નથી એકલા પાસ થવાનું ટકા જોઇએ મોટા .
નાની નાની મુઠ્ઠી પાસે પકડાવે પરપોટા
એચ ટુ ઓ ને ગોખી ગોખી ક્યાંથી ઝરણું થઈએ ?

રોજ પરીક્ષા ,રોજ પરીક્ષા , રોજ પરીક્ષા દઈએ ,

થાકું, ઊંઘું ,જાગું ત્યાં તો સામે આવે બોર્ડ
હોઉં રેસનો ઘોડો જાણે એમ લગાવું દોડ
પ્રવાસ ચાલુ થાય નહી એ પહેલા હાંફી જઈએ .

રોજ પરીક્ષા ,રોજ પરીક્ષા , રોજ પરીક્ષા દઈએ ,

રામ, કૃષ્ણ કે અર્જુન પણ ક્યાં દેતા રોજ પરીક્ષા ?
એના પપ્પા ક’દિ માંગતા એડમીશનની ભિક્ષા ?
કોની છે આ સીસ્ટમ જેમાં અમે ફસાયા છઈએ .

રોજ પરીક્ષા ,રોજ પરીક્ષા , રોજ પરીક્ષા દઈએ ,

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આયુષ્ય એટલે શું ??

એક સુંદર પ્રશ્ન અને એનો એટલો જ લાજવાબ ઉત્તર
આયુષ્ય એટલે શું ??
જ્યારે માણસ જન્મે છે ત્યારે 'નામ' નથી હોતું પણ 'શ્વાસ' હોય છે
જ્યારે માણસ મરે છે ત્યારે 'નામ' હોય છે પણ 'શ્વાસ' નથી હોતો.
બસ, આ 'શ્વાસ' અને 'નામ' વચ્ચેનો ગાળો એટલે "આ યુ ષ્ય"

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Thursday, October 29, 2015

સંબંધ પર હંમેશા વિશ્વાસ નુ સ્ક્રિન ગાર્ડ લગાડેલુ રાખુ છુ...

😁તો પણ ન જાણે કેમ ...
શંકા ના સ્ક્રેચ તો પડી જ જાય છે..😔

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Tuesday, October 27, 2015

હિમ ઓગળી ગયું ઝરણાના ગાનમાં
ને પર્વતો રહી ગયા ખોટા ગુમાનમાં

અફસોસ ના કરો
કે સમાજ માં તમારુંનામ નથી,

આભાર ઈશ્વરનો માનો કે
તમે અહિયાં બદનામ નથી....!
आज कल लगभग हर
जगह लिखा होता है
आप कैमरे की नज़र में है
जिसको पढने के साथ ही हम
सतर्क हो जाते है ।

परन्तु हम यह भूल जाते है
कि हम हर समय भगवान
की नज़र में हे

जीन्दगी

केवल नदी में गिरने मात्र से
किसी की जान नहीं जाती.......
बल्कि जान तभी जाती है
जब तैरना नहीं आता.......

उसी प्रकार परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनती.......
समस्या तभी बनती है
जब हमें परिस्थितियों से निपटना नहीं आता..!!
मुसीबतों से निखरती है शख्सियत यारों...
जो चट्टानों से न उलझे...
वो झरना किस काम का...

Monday, October 26, 2015

" તું માણસ જેવો છે"

એક માણસે કુતરાના કાનમાં કાંઈક કીધુ,
કૂતરાએ આપઘાત કર્યો.
જંગલમાં ખળભળાટ મચી ગયો.!
પોસ્ટ મોર્ટમ રિપોર્ટમાં આવ્યું
કૂતરાને ગાળ દિધેલી.
સીબીઆઈ તપાસમાં બહાર આવ્યું
" તું માણસ જેવો છે"
એવી હીન કક્ષાની ગાળ દીધી હતી,
જેથી કૂતરાને લાગી આવ્યું.
સિંહે સભા બોલાવી,
કાગડાના આગેવાનોએ જણાવ્યું શ્રાધ્ધ ખાવાનો સામુહિક બહિષ્કાર કરી અને માણસના પિતૃ પદેથી પણ રાજીનામું આપવું.
ત્યાં વચ્ચે શિયાળ બોલી ઊઠયું કે
અમે એક પણ વખત લુચ્ચાઈ કર્યાનો દાખલો નથી છતાં બિજા ધોરણથી 'લુચ્ચો શિયાળ' પાઠ ભણાવે છે,
જે તાકીદે અભ્યાસક્રમમાથી દુર કરવો.
ત્યાં વાંદરાએ સોગંદનામું સિંહના હાથમાં ધરતાં જણાવ્યું કે
અમો માણસના પૂર્વજો હોવાનો માણસોનો દાવો પાયા વિહોણો અને અમોને બદનામ કરવાનો કારસો છે તેની નોંધ લેવી.
બધા પ્રાણીઓનો કોલાહલ વધી ગયો
થોડી અવ્યવસ્થા સર્જાય,
આ જોઈ સિંહ તાડૂક્યો,
જો તમારે માણસવેડા કરવા હોઈ તો જવા દયો.
મારે જંગલને શહેર નથી બનાવવું!!!!

કયારેક હસી પણ લઈએ

શનીની પનોતી લોખંડના પાયે,
તાંબાના પાયે કે
સોનાના પાયે
હોય છે,

પણ
લગ્ન પછી જે
પનોતી બેસે છે
તે પાકે પાયે
હોય છે!

😂😂

जिंदगी का झूला

"झूला जितना पीछे जाता है,
उतना ही आगे भी आता है।
ठिक वैसे ही...

सुख और दुख दोनों ही जीवन में बराबर आते हैं।

अगर जिंदगी का झूला पीछे चला जाए,
तो बिलकुल डरो मत,
वह आगे भी आएगा...

Monday, October 5, 2015

જીંદગીની આ ઝડપી ટ્રેઇન

દિલ્હીમાં રહેતો એક કોલેજીયન એકવાર વેકેશનમાં ગામડે એમના દાદા-દાદીને મળવા માટે આવ્યો. થોડા દિવસ ગામડે વિતાવ્યા બાદ એમણે દાદાને દિલ્લી આવવા માટે વિનંતી કરી.પૌત્રનો પ્રેમ જોઇને દાદા બહુ રાજી થયા અને દિલ્લી જવા તૈયાર થયા.

દિલ્હીમાં આવ્યા બાદ પૌત્ર દાદાને પોતાની સાથે લઇને દિલ્હી બતાવવા નીકળી પડ્યો. દાદાને દિલ્હી કરતા પણ પૌત્રનો પ્રેમ જોવામાં વધુ આનંદ આવતો હતો. પૌત્ર દાદાને એક રેલ્વે સ્ટેશન પર લઇ ગયો અને કહ્યુ , " દાદા , હવે હું તમને સાવ નવો જ અનુભવ કરાવીશ. ભારતની સૌથી ઝડપી ટ્રેનમાં બેસવાનો અનુભવ. આ સ્ટેશનથી ટ્રેઇન ઉપડશે અને જે સ્ટેશન પર ઉભી રહેશે એ બંને વચ્ચે 30 કીમીનું અંતર છે પણ આ અંતર કાપતા ટ્રેઇનને માત્ર 5 મીનીટનો સમય લાગશે."

ટ્રેઇન આવતા જ પૌત્ર અને દાદા એ સુપરફાસ્ટ ટ્રેઇનમાં બેઠા. ટ્રેઇન ઉપડી અને થોડી સેકન્ડમાં જ કલ્પનાતિત ઝપડથી ટ્રેઇન પોતાની આખરી મંઝીલ તરફ આગળ વધી. ટ્રેઇની ઝડપને કારણે અવાજ પણ એટલો મોટો હતો કે કોઇ વાત થઇ શકતી નહોતી એટલે દાદા અને પૌત્ર એકબીજાની સામે જોઇને મુંગા જ બેસી રહ્યા. થોડા સમયમાં સ્ટેશન આવ્યુ એટલે બધા ઉતરી ગયા.

ટ્રેઇનમાંથી બહાર આવતા જ પૌત્રએ દાદાનો આ અનોખા અનુભવનો પ્રતિભાવ જાણવા પુછ્યુ , " દાદા કેવી મજા આવી તમને આ ટ્રેઇનમાં મુસાફરી કરવાની ? "

દાદાએ કહ્યુ , " બેટા સાચુ કહુ તો મને તો બીલકુલ મજા ન આવી. તારી આ ફાસ્ટ ટ્રેઇન એટલી તો ફાસ્ટ હતી જે ચાલુ ટ્રેઇને મેં બારીમાંથી બહાર જોવાનો પ્રયાસ કર્યો તો કંઇ દેખાતું ન નહોતું. બધુ જ મારી નજર સામેથી એટલી ઝડપથી પસાર થઇ રહ્યુ હતુ કે હું એને બરોબર જોઇ પણ નહોતો શકતો. બેટા હું માનું છું કે સમયની સાથે બદલાવ બહું જરુરી છે પણ એ બદલાવ એવો પણ ન હોવો જોઇએ કે જે તમારી જીવવાની મજા જ છીનવી લે. " પૌત્ર તો એક ધ્યાનથી દાદાને સાંભળી રહ્યો હતો.

દાદાએ વાત આગળ વધારતા કહ્યુ , " બેટા , હું તારા જેવડો હતો ત્યારે અમારે આવી ટ્રેઇન નહી ગાડાઓ હતા. અમે ગાડામાં બેસીને એકગામથી બીજે ગામ જતા. ગાડાની ગતી એટલી ધીમી હોય કે રસ્તામાં આવતી એક એક વસ્તુને અમે મન ભરીને માણી શકતા. પક્ષીઓના અવાજો સાંભળી શકતા. ફુલ પર બેઠેલા પતંગીયાઓને જોઇ શકતા. ગાડામાં બેઠા બેઠા અમે ગીતો પણ ગાતા અને ખાટી મીઠી વાતો પણ કરતા. તારી આ ટ્રેઇનમાં આ શક્ય જ નથી."

આપણે પણ જીંદગીની આ ઝડપી ટ્રેઇનમાં બેસી ગયા છીએ. જીવનની ઘટનાઓને નીરખીને જોવાનો સમય જ ક્યાં છે ? દિવસે દિવસે ઝડપ એવી વધતી જાય છે કે નથી ગીતો ગાઇ શકાતા કે નથી વાતો થઇ શકતી બસ એમ જ સમય પસાર થતો રહે છે. યાદ રાખજો મિત્રો , મજા ' થ્રીલ ' ની નહી સાચી મજા ' ફીલ ' ની હોય છે.

જ્યાં જ્યાં નજર મારી ઠરે યાદી ભરી ત્યાં આપની,
આંસુ મહીએ આંખથી યાદી ઝરે છે આપની. - કલાપી

जिन्दगी

🌻जिन्दगी एक गिफ्ट है,
कबूल कीजिए.
🌻जिन्दगी एक एहसास है,
महसूस कीजिए.
🌻जिन्दगी एक दर्द है,
बाँट लीजिये.
🌻जिन्दगी एक प्यास है,
प्यार दीजिये.
🌻जिन्दगी एक मिलन है,
मुस्करा लीजिये.
🌻जिन्दगी एक जुदाई है,
सबर कीजिये.
🌻जिन्दगी एक आसू है,
पी लीजिये.
🌻जिन्दगी आखिर जिन्दगी है…
जी लीजिये.👌😊👍

Thursday, October 1, 2015

लालबहादुर शास्त्री

छः साल का एक लड़का अपने दोस्तों के साथ एक बगीचे में फूल तोड़ने के लिए घुस गया। उसके दोस्तों ने बहुत सारे फूल तोड़कर अपनी झोलियाँ भर लीं। वह लड़का सबसे छोटा और कमज़ोर होने के कारण सबसे पिछड़ गया। उसने पहला फूल तोड़ा ही था कि बगीचे का माली आ पहुँचा। दूसरे लड़के भागने में सफल हो गए लेकिन छोटा लड़का माली के हत्थे चढ़ गया।बहुत सारे फूलों के टूट जाने और दूसरे लड़कों के भाग जाने के कारण माली बहुत गुस्से में था। उसने अपना सारा क्रोध उस छः साल के बालक पर निकाला और उसे पीट दिया।नन्हे बच्चे ने माली से कहा – “आप मुझे इसलिए पीट रहे हैं क्योकि मेरे पिता नहीं हैं!”

यह सुनकर माली का क्रोध जाता रहा। वह बोला – “बेटे, पिता के न होने पर तो तुम्हारी जिम्मेदारी और अधिक हो जाती है।”

माली की मार खाने पर तो उस बच्चे ने एक आंसू भी नहीं बहाया था लेकिन यह सुनकर बच्चा बिलखकर रो पड़ा। यह बात उसके दिल में घर कर गई और उसने इसे जीवन भर नहीं भुलाया।

उसी दिन से बच्चे ने अपने ह्रदय में यह निश्चय कर लिया कि वह कभी भी ऐसा कोई काम नहीं करेगा जिससे किसी का कोई नुकसान हो।

बड़ा होने पर वही बालक भारत के स्वतंत्रता प्राप्ति के आन्दोलन में कूद पड़ा। एक दिन उसने लालबहादुर शास्त्री के नाम से देश के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया।