Saturday, January 21, 2017

શાંત રહી ને પણ દેખાય તે "નદી ની વિશાળતા" છે,,, 
અને
ઝરણાંઓને "અસ્તિત્વ સાબિત કરવા" અવાજ કરવો પડે છે...

Wednesday, January 18, 2017

  प्रख्यात लेखक और उनके महत्वपूर्ण पुस्‍तकें

1. महात्‍मा गांधी - कांक्‍वेस्‍ट ऑफ शेल्‍फ, माई एक्‍सपेरीमेंट विद ट्रुथ, हिंद स्‍वराज, इंडिया ऑफ माई ड्रीम्‍स

2. उमा शंकर जोशी - निशीथ

3. मैथिली शरण गुप्‍त - साकेत

4. मुंशी प्रेमचंद - रंगभूमि, गोदान, शतरंज के खिलाड़ी, गबन, कायाकल्‍प, प्रेमाश्रय

5. पी.वी नरसिंह राव - द इन्‍साइडर

6. अटल बिहारी वाजपेयी - राजनीति की रपटीली राहें, संसद के तीन दशक

7. सुभाष चन्‍द्र बोस - द इंडियन स्‍ट्रगल

8. सरोजिनी नायडू - द गोल्‍डन थ्रेसहोल्‍ड़, द बर्ड ऑफ टाइम, द ब्रोकन विंग, द सांग्‍स ऑफ इंडिया

9. आर. के नारायण - मि.संपत, द गाइड़, माई डेज, द वेंडर ऑफ स्‍वीट़्स, द डार्करूम, टैलिस्‍मैन, मालगुडी ड़ेज

10. अरूंधती रॉय - द गॉड ऑफ स्‍मॉल थिग्ंस, एन ऑर्डिनेरी पर्सन्‍स गाइड़

11. डॉ राजेन्‍द्र प्रसाद - इंडिया डिवाइडेड

12. रवीन्‍द्र नाथ टैगोर - गीताजंली, क्रिसेंट मून, द गार्डनर, चांडालिका, द हंग्रो स्‍टोन्‍स, द कोर्ट डांसर, किंग ऑफ डार्क वेबंर, पोस्‍ट ऑफिस, दरिलिजन ऑफ मैन

13. जवाहर लाल नेहरू - एन ऑटो बायोग्राफी, डिस्‍कवरी ऑफ इंडिया, ग्लिम्‍पसेज ऑफ वर्ल्‍ड हिस्‍ट्री

14. हरीसेन - इलाहबाद प्रशस्ति

15. वी. डी सावरकर - द इंडियन वार ऑफ इंडिपेन्‍डेंस

16. एस राधाकृषणन - हिंदू व्‍यू ऑफ लाइफ

17. अरविंद घोष - न्‍यू लैम्‍प्स फॉर ऑल्‍ड, लाइफ डिवाइन

18. वी एस कॉमथ - इंडिया ऑफ अवर ड्रीम

19. कुलदीप नैय्यर - इंडिया, द क्रिटिकल इयर्ज, द जजमेंट, इंडिया हाऊस, बियोन्‍ड द लाइन्‍स : एन ऑटोबायो ग्राफी

20. तवलीन सिंह - कश्‍मीर : ए ट्रेजडी ऑफ एरर्स

21. खुशवंत सिंह - ट्रेन टु पाकिस्‍तान, ट्रुथ लव एंड ए लिटिल मेलिस

22. डॉ. ए पी जे. अब्‍दुल कलाम - विंग्स ऑफ फायर (अरूण तिवाड़ी और अब्‍दुल कलाम), 2020 – ए विजन फोर द न्‍यू मिलेनियम, इग्‍नाइटेड माइड्ंस माई जर्नी

23. विष्‍णु - पंचतंत्र

24. भीष्‍म साहनी - तमस

25. पी जी. वुडहाउस - जीव्‍स

26. भगस्‍टा - पोइरोट (जासूसी कहानियां)

27. रस्किन - रस्‍टी

28. मैगस्‍थ्‍नीज - डंडिका

29. कालिदास - मेघदुत, मालविकाग्निमित्र, रघुवमसा कुमार संभवम्, शकुंतला, विक्रम उर्वसी

30. कार्ल मार्क्‍स - दास कैपिटल

31. जॉर्ज ओरवैल - नाइन्‍टीन एटी फोर

32. कृष्‍णदेवराय - अमुक्‍तमलयादा

33. सलमान रूश्‍दी - मिडनाइट चिल्‍ड्रन (1981), शेम (1983), द सैटेनिक वर्सेज (1988), मुर्स लास्‍ट साइ (1995)

34. भरत मुनि - नाट्य शास्‍त्र

35. जयप्रकाश नारायण - व्‍हाई सोश लिज्‍म

36. जे एम केन्‍स - एम्प्‍लायमेंट, इंट्रेस्‍ट ऐंड मनी

37. जे के राउलिग - हैरी पॉटर

38. जॉन रस्किन - अन्‍टू इ लास्‍ट

39. वराह मिहिर - पंच सिद्धन्तिका

40. भवभूति - उत्तरराम चरित, मालती माधव

41. कैथ्‍रिन मैयो - मदर इंडिया

42. विलियम शेक्‍सपीयर - मैकबेथ

43. मनोहर गलगांवकर - दि मैन हू क्ल्डि गांधी

44. सत्‍यजीत राय - माई इयर्स विद अपु

45. मोहन राकेश - आधे अधुरे

46. बंकिम चन्‍द्र चटर्जी - आनंद मठ

47. तुषार गांधी - लेट्स किल गांधी

48. विशाखा दत्त - मुद्रराक्षस, देवी चन्‍द्रगुप्‍तम

49. कल्‍हण - राजतंरगिणी

50. पाणिणी - अष्‍ठाध्‍यायी

51. कौटिल्‍य - अर्थशास्‍त्र

52. जयदेव - गीतगोविन्‍द

53. पंतजली - महाभाष्‍य

54. बाणभट्ट - कादम्‍बरी, हर्षचरित्र

55. माद्य - शिशुपालवध

56. जयानक - पृथ्‍वीराज विजय, प्रबंधकोष

57. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला - अनामिका, गुंजन, परिमल, जूही की कली

58. तुलसीदास - दोहावली, कवितावली, विनय पत्रिका, रामचरित्र मानस

59. मलिक मुहम्‍मद जायसी - पद्मावत

60. बालगंगाधर तिलक - गीता रहस्‍य

61. अनीता देसाई - क्राई द पिकोक

62. वी. एस नॉयपाल - ए बेंड इन द रिवर

63. विक्रम सेट - टू लाइवज

64. आर. वेकटरमन - माई प्रसिडेसियल ईयर्स

66. एस राधाकृष्‍णन - द हिंदुं व्‍यू ऑफ लाइफ

67. एन सजीव रेड्डी - विदाऊट फियर ओर फेवर

68. नेल्‍सन मंडेला - लॉग वाक टू फ्रीडम

Tuesday, January 17, 2017

*દુખ Auto-update નથી તોય Download થઇ જાય છે..*

*સુખમા Virus નથી તોય Hang થઈ જાય છે..*

*લાગણીઓનુ SD card નથી તોય Storeg થઈ જાય છે..*

*સંબંધમાં Cemero નથી તોય Selfy થઈ જાય છે..*

*જીંદગી Whatsapp નથી તોય Last Seen થઈ જાય છે..*

*માણસ Mobile નથી તોય બદલાઈ જાય છે..*

*
*"आनंद" एक "आभास" है*
*जिसे हर कोई ढूंढ रहा है...*

*"दु:ख" एक "अनुभव" है*
*जो आज हर एक के पास है...*

*फिर भी जिंदगी में वही "कामयाब" है*
*जिसको खुद पर "विश्वास" हे..!!*
જયાં સુધી આપણે એ લોકોને માફ નથી કરતા જેમણે આપણને દુ:ખી કર્યા હોય,

ત્યાં સુધી તેઓ આપણા મનમાં ભાડુ ભર્યા વગર મફતની જગા રોકી રાખે એવું લાગે....!
*जो सफर की*
*शुरुआत करते हैं,*
*वे मंजिल भी पा लेते हैं.*
*बस,*
*एक बार चलने का*
*हौसला रखना जरुरी है.*
*क्योंकि,*
*अच्छे इंसानों का तो*
*रास्ते भी इन्तजार करते हैं..*
*रोने* से तो *आंसू* भी पराये हो जाते हैं ,
लेकिन *मुस्कुराने* से ...
पराये भी अपने हो जाते हैं ।।
मुझे वो रिश्ते पसंद है ,
जिनमें *मैं* नहीं *हम* हो ,
*इंसानियत* दिल में होती है ,
*हैसियत* में नही ,
*उपरवाला कर्म* देखता है ,
*वसीयत* नही ..
*जिंदगीे आसान बनानी पड़ती है.....*

*कुछ 'अंदाज' से,*
*कुछ 'नजर अंदाज' से...
*વેરમાં હમેશા વાંધો હોય છે, જયારે સ્નેહ માં હમેશા સાંધો હોય છે...!!!*
*"END" અને "AND"*
*બંને સરખી રીતે બોલાય છે.*
*પરંતુ..*
*એક મા પુરુ કરવાની વાત છે અને બીજા મા જોડવાની કળા છે..*.
कुछ इसलिए भी पंसद आते है सच बोलने वाले लोग...

कि वो खुद टुट जाते है मगर किसी का दिल टुटने नही देते..
*मुस्कुराहटें झूठी भी*
*हुआ करती हैं यारों.*

*इंसान को देखना नहीं*
*बस समझना सीखो..*
*ખિસ્સુ ભરેલુ હતું,,
ત્યારે સંબંધો ઘણા મળ્યા..*
*ખિસ્સુ ખાલી થયું,,
ત્યારે અનુભવ ઘણા મળ્યા..!!*

18 January Din Mahima

1896 में आज ही के दिन पहली बार एक्स रे मशीन को दुनिया के सामने लाया गया. एक्स रे मशीन चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी अविष्कार की तरह सामने आई. इसमें एक्स किरणों के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण की तकनीक का इस्तेमाल होता है. इस विकिरण की मदद से शरीर के भीतर हड्डियों की तस्वीर ली जाती है. एक्स किरणों का इस्तेमाल इस तरह की चिकित्सीय जांच के अलावा स्टेरिलाइजेशन और फ्लोरेसेंस में भी होता है.

एक्स रे की खोज ब्रिटेन के वैज्ञानिक विलियम क्रुक्स की इलेक्ट्रिकल डिसचार्ज ट्यूब की मदद से हुई. 1895 में विलहेल्म रोएंटगेन ने क्रुक्स ट्यूब पर प्रयोग के दौरान एक्स किरणों के विकिरण को देखा. पहली एक्स रे तस्वीर रोएंटगेन ने अपनी पत्नी के हाथ की निकाली. इस तस्वीर में हड्डियों के साथ अंगूठी की भी आकृति उभर कर सामने आई. इससे काफी कुछ स्पष्ट हो गया. 1896 में एचएल स्मिथ ने एक्स किरणों के विकिरण की तकनीक का इस्तेमाल कर पहली एक्स रे मशीन बनाकर 18 जनवरी को दुनिया के सामने पेश की.

Thursday, January 12, 2017

કર્મ જ એક એવી હોટલ છે, જયાં આપણે ઓડઁર નથી આપવો પડતો,
આપણ ને એ જ પીરસવામાં આવે છે, જે આપણે રાંધ્યું હોય છે.....

Wednesday, January 11, 2017

*_मुँह पर कड़वा बोलने_*
*_वाले लोग कभी धोखा_*
*_नहीं देते…_*

*_डरना तो मीठा बोलने_*
*_वालों से चाहिए...,_*

*_जो…… दिल में नफरत_*
*_पालते हैं_*

*_और_*

*_वक़्त के साथ बदल_*
*_जाते हैं..…*
આજ કાલ લોકો કહે છે કે તું બદલાઇ ગયો છે..
ત્યારે મારો કહેવાનો અર્થ માત્ર એટલો જ છે..
કે બીજાની અપેક્ષા મુજબ જીવવાનું...
અમે બંધ કરી દીધું છે...

Monday, January 9, 2017

જેમ જેમ સમજણ
વધતી જાય...

તેમ તેમ જીવનમાં
મૌનનો મહિમા વધતો
જાય..!!

Sunday, January 8, 2017

જુવોને આ સ્વીચબોર્ડ.......
ઘરના એક ખૂણામાં
એકલતા અનુભવતું હતું...
હવ નિરંતર ચાર્જરોની હૂંફ
મળવાથી
સંબંધોનાં કનેકશનથી
કેવું જોડાયેલું રહે છે..
દુનિયા માં રંગ ઘણા છે પણ

રંગોળી

કે

મેઘધનુષ

થવું હોય તો એક થવુ પડે