બીજી મીણબત્તીને જ્યોત આપવામાં પ્રથમ મીણબત્તીએ કાંઈ ગુમાવવાનું નથી, પણ તેના કામમાં એક સાથીદાર મળશે.
Friday, March 6, 2015
ભવિષ્યની ચિંતા
Monday, March 2, 2015
Negativity is poison that kills your DREAMS
તેમની નકારાત્મક બુમો સાંભળશો નહીં.
Negativity is poison that kills your DREAMS.
Wednesday, February 11, 2015
Tuesday, February 3, 2015
Life :: Suvichar
Monday, February 2, 2015
જિંદગી
Sunday, January 4, 2015
Friday, January 2, 2015
ये चन्द पंक्तियाँ
ये चन्द पंक्तियाँ जिसने भी लिखी है
खूब लिखी है :
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एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर
जाता है और भगवान बन जाता है ..
इंसान हर रोज़ मंदिर जाते है फिर
भी पथ्थर ही रहते है ..!!
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एक औरत बेटे को जन्म देने के लिये
अपनी सुन्दरता त्याग देती है.......
और वही बेटा एक सुन्दर बीवी के लिए
अपनी माँ को त्याग देता है
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जीवन में हर जगह हम "जीत" चाहते हैं...
सिर्फ फूलवाले की दूकान ऐसी है
जहाँ हम कहते हैं कि "हार" चाहिए।
क्योंकि हम भगवान से "जीत"
नहीं सकते।
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धीमें से पढ़े बहुत ही अर्थपूर्ण है यह
मेसेज...
हम और हमारे ईश्वर,
दोनों एक जैसे हैं।
जो रोज़ भूल जाते हैं...
वो हमारी गलतियों को,
हम उसकी मेहरबानियों को।
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एक सुविचार
वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के
साथ.....
पर अपनों का पता चलता है, वक़्त के
साथ...
वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ,
पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के
साथ...!!!
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ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है...
शिकवे कितने भी हो हर पल,
फिर भी हँसते रहना...क्योंकि ये
ज़िन्दगी जैसी भी है,
बस एक ही बार मिलती है।
Wednesday, December 17, 2014
Wednesday, November 19, 2014
* बहाने Vs सफलता *
1- मुझे उचित शिक्षा लेने का
अवसर नही मिला...
उचित शिक्षा का अवसर
फोर्ड मोटर्स के मालिक
हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।
2- मै इतनी बार हार चूका ,
अब हिम्मत नही...
अब्राहम लिंकन 15 बार
चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।
3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ...
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी
गरीब घर से थे ।
*
4- बचपन से ही अस्वस्थ था...
आँस्कर विजेता अभिनेत्री
मरली मेटलिन भी बचपन से
बहरी व अस्वस्थ थी ।
5 - मैने साइकिल पर घूमकर
आधी ज़िंदगी गुजारी है...
निरमा के करसन भाई पटेल ने भी
साइकिल पर निरमा बेचकर
आधी ज़िंदगी गुजारी ।
6- एक दुर्घटना मे
अपाहिज होने के बाद
मेरी हिम्मत चली गयी...
प्रख्यात नृत्यांगना
सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।
7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि
कहा जाता है...
थामस अल्वा एडीसन को भी
बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था।
8- बचपन मे ही मेरे पिता का
देहाँत हो गया था...
प्रख्यात संगीतकार
ए.आर.रहमान के पिता का भी
देहांत बचपन मे हो गया था।
*
9- मुझे बचपन से परिवार की
जिम्मेदारी उठानी पङी...
लता मंगेशकर को भी
बचपन से परिवार की जिम्मेदारी
उठानी पङी थी।
*
10- मेरी लंबाई बहुत कम है...
सचिन तेंदुलकर की भी
लंबाई कम है।
*
11- मै एक छोटी सी
नौकरी करता हूँ ,
इससे क्या होगा...
धीरु अंबानी भी
छोटी नौकरी करते थे।
12- मेरी कम्पनी एक बार
दिवालिया हो चुकी है ,
अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा...
दुनिया की सबसे बङी
शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी
दो बार दिवालिया हो चुकी है ।
*
13- मेरा दो बार नर्वस
ब्रेकडाउन हो चुका है ,
अब क्या कर पाउँगा...
डिज्नीलैंड बनाने के पहले
वाल्ट डिज्नी का तीन बार
नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।
14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...
विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन
के मालिक ने 60 साल की उम्र मे
पहला रेस्तरा खोला था।
*
15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है
पर लोग अस्वीकार कर देते है...
जेराँक्स फोटो कापी मशीन के
आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने
अस्वीकार किया था पर आज
परिणाम सामने है ।
*
16- मेरे पास धन नही...
इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन
नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था
उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।
*
17- मुझे ढेरो बीमारियां है..
वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी
अनेको बीमारियो मे थे |
राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर
काम नही करते थे।
*
आज आप जहाँ भी है
या कल जहाँ भी होगे
इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते ,
इसलिए आज चुनाव करिये -
सफलता और सपने चाहिए
या खोखले बहाने ...
The Truth Of Life
खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की।
आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है।
अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।
क्यों की जीसकी जीतनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।
ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है,
शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे हैं....!!
एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी,
जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।
Sunday, September 28, 2014
एक नगर में एक मशहूर चित्रकार रहता था । चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाई और उसे नगर के चौराहे मे लगा दिया और नीचे लिख दिया कि जिस किसी को , जहाँ भी इस में कमी नजर आये वह वहाँ निशान लगा दे । जब उसने शाम को तस्वीर देखी उसकी पूरी तस्वीर पर निशानों से ख़राब हो चुकी थी । यह देख वह बहुत दुखी हुआ । उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करे वह दुःखी बैठा हुआ था । तभी उसका एक मित्र वहाँ से गुजरा उसने उस के दुःखी होने का कारण पूछा तो उसने उसे पूरी घटना बताई । उसने कहा एक काम करो कल दूसरी तस्वीर बनाना और उस मे लिखना कि जिस किसी को इस तस्वीर मे जहाँ कहीं भी कोई कमी नजर आये उसे सही कर दे । उसने अगले दिन यही किया । शाम को जब उसने अपनी तस्वीर देखी तो उसने देखा की तस्वीर पर किसी ने कुछ नहीं किया । वह संसार की रीति समझ गया । "कमी निकालना , निंदा करना , बुराई करना आसान , लेकिन उन कमियों को दूर करना अत्यंत कठिन होता है "
"जिंदगी आईसक्रीम की तरह है, टेस्ट करो तो भी पिघलती है;.,,, वेस्ट करो तो भी पिघलती है,,,,,,
इसलिए जिंदगी को टेस्ट करना सीखो, वेस्ट तो हो ही रही है.,,
"Life is very beautiful".
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